Chandra Grahan On Holi 2026: चंद्र ग्रहण और भद्रा के साये में होगा होली का पर्व, जानें समय और असर

Chandra Grahan On Holi 2026: होली का त्योहार पूरे देश में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल होली के ठीक पहले यानी होलिका दहन पर चंद्र ग्रहण लग रहा है। साथ ही इस दिन भद्रा का साया भी है। आइए जानें इस साल होलिका दहन किस दिन किया जाएगा और ग्रहण-भद्रा का समय क्या है

अपडेटेड Jan 23, 2026 पर 10:10 PM
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इस वर्ष होलिका दहन 3 मार्च 2026 को किया जाएगा।

Chandra Grahan On Holi 2026: होली का त्योहार हिंदू धर्म के प्रमुख और सबसे बड़े पर्व में से एक माना जाता है। ये त्योहार चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। इससे एक दिन पहले फाल्गुन पूर्णिमा को होलिका दहन करते हैं। यह पर्व हमें बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। साथ ही ये पर्व बीती बातों को भूलकर नई शुरुआत करने के लिए प्रेरित करता है। पंचांग के अनुसार, इस साल चंद्र ग्रहण और भद्रा के साये में होली का पर्व मनाया जाएगा। आइए जानें इस साल होलीका दहन किस दिन किया जाएगा और होली किस दिन खेली जाएगी? फाल्गुन पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण किस दिन होगा ?

होलिका दहन तारीख

इस वर्ष होलिका दहन 3 मार्च 2026 को किया जाएगा। इस तिथि पर चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है। खास बात ये है कि ये चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। इसलिए इसका सूतक काल भी माना जाएगा। चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है, जो ग्रहण समाप्त होने पर ही समाप्त होता है।

होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 

इस साल फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर होगी। इस तिथि का समापन 3 मार्च को शाम 5 बजकर 7 मिनट पर होगा। तिथि के मुताबिक, 3 मार्च 2026 को होलिका दहन मान्य होगा।


होलिका दहन मुहूर्त 2026

इस साल होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा। ऐसे में 3 मार्च को 6 बजकर 25 मिनट से रात 8 बजकर 50 मिनट तक होलिका दहन का मुहूर्त बना रहेगा। इस अवधि में होलिका दहन व पूजा-पाठ के कार्य कर सकते हैं।

चंद्र ग्रहण का समय

3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण शाम 6 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। ग्रहण की कुल अवधि 20 मिनट की रहेगी। यह एक आंशिक (खण्डग्रास) चंद्रग्रहण होगा, जिसे भारत में देखा जाएगा। खगोलशास्त्रियों के मुताबिक, साल का पहला चंद्र ग्रहण भारत समेत यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में नजर आने वाला है।

सूतक काल का समय : 3 मार्च को सुबह 9 बजकर 39 मिनट से सूतक काल शुरू

क्या है भद्रा का समय ?

पंचांग के अनुसार, होलिका दहन पर भद्रा का समय 3 मार्च को मध्यरात्रि 1 बजकर 25 मिनट से प्रात:काल 4 बजकर 30 मिनट तक है।

इन बातों का रखें ध्यान

होलिका दहन के दिन ग्रहण होने के कारण आप कुछ विशेष बातों का ध्यान रखें।

  • सबसे पहले ग्रहण काल में होली पूजन से जुड़ा कोई कार्य न करें।
  • घर में भोजन बनाने से लेकर सब्जियां काटने की भूल भी न करें।
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें।
  • कुछ चीजों का दान करना और भी शुभ हो सकता है, क्योंकि इससे नकारात्मकता समाप्त होती है।
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद आप पूजा घर को साफ करें और सभी भगवानओं को स्नान कराएं।
  • इसके बाद स्वयं स्नान करें और होलिका दहन की पूजा व उससे जुड़े अन्य कार्य करें।

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