Magh Purnima 2026 Date: नोट करें माघ पूर्णिमा की सही तारीख और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त, इस दिन बन रहा रवि-पुष्य योग का शुभ संयोग

Magh Purnima 2026 Date: माघ मास की पूर्णिमा तिथि को हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गंगा स्नान और दान करने से पूरे साल की पूर्णिमा का पुण्य प्राप्त होता है। आइए जानें इसकी सही तरीख, स्नान-दान का मुहूर्त और रवि पुष्य योग का समय

अपडेटेड Jan 31, 2026 पर 1:06 PM
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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा का नाम माघ नक्षत्र के नाम पर रखा गया है।

Magh Purnima 2026 Date: माघ मास की पूर्णिमा पर तीर्थराज प्रयाग में त्रवेणी संगम में स्नान करने से कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं और स्वर्ग की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में माना गया है कि इस दिन स्वयं भगवान विष्णु त्रिवेणी संगम स्नान करने धरती पर आते हैं और स्नान करने आए सभी भक्तों का दुख हर लेते हैं। इस दिन स्नान करने के साथ-साथ गायत्री मंत्र का जाप करना भी फलदायी माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा का नाम माघ नक्षत्र के नाम पर रखा गया है। इस दिन गंगा स्नान करने वाले भक्तों को पूरे साल के स्नान का फल मिलता है। शास्त्रों के अनुसार पौष मास की पूर्णिमा से माघ मास की पूर्णिमा तक गंगा या त्रिवेणी संगम में स्नान करने से सूर्य और चंद्रमा युक्त दोषों से छुटकारा मिलता है। आइए जानें इस साल माघ पूर्णिम किस दिन है और इस दिन स्नान-दान का क्या मुहुर्त होगा? इस दिन रवि पुष्य योग बनने का क्या अर्थ है?

माघ पूर्णिमा 2026 तिथि व मुहूर्त

माघ पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी 2026 की सुबह 05:52 से 2 फरवरी की सुबह 03:38 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार माघ पूर्णिमा व्रत 1 फरवरी को रखा जाएगा। इस दिन चंद्रोदय समय शाम 05:26 का है।


माघ पूर्णिमा स्नान-दान का समय

माघ पूर्णिमा के दिन कभी भी स्नान-दान कर सकते हैं क्योंकि पूरे दिन शुभ मुहूर्त रहेगा। लेकिन अगर इस दिन के सबसे शुभ मुहूर्त की बात करें तो वो सुबह 5 बजकर 24 मिनट से शुरू होकर सुबह 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा।

माघ पूर्णिमा पर बन रहा रवि पुष्य योग

1 फरवरी 2026 को माघ पूर्णिमा के दिन रवि पुष्य नाम का बेहद शुभ योग भी रहेगा। बता दें, पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं और अधिष्ठाता देवता बृहस्पति इसलिए इस नक्षत्र को शुभ माना जाता है। वहीं जब रविवार के दिन यह नक्षत्र होता है तो इसे रवि पुष्य योग कहा जाता है। माघ पूर्णिमा के दिन इस शुभ योग के बनने से दान-पुण्य के साथ ही कुछ अन्य उपाय करने से भी लाभ की प्राप्ति हो सकती है।

माघ पूर्णिमा पूजा विधि

  • पूर्णिमा के दिन विष्णु भगवान की पूजा की जाती है।
  • इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा कराना भी बेहद शुभ माना जाता है।
  • इस दिन लोग धूप-दीप, तुलसी, पान, सुपारी रोली-मोली, तिल, दूर्वा से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं।
  • भगवान को पंचामृत का भोग लगाया जाता है।
  • प्रसाद के लिए आटे को भुनकर उसमे शक्कर मिलाकर पंजीरी बनाई जाती है और उसका भोग भगवान को अर्पित कर प्रसाद बांटा जाता है।

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