Mahashivratri 2026 Shubh Muhurat: महाशिवरात्रि पर 300 साल बाद बन रहा है इतना शुभ संयोग, नोट करें सारे शुभ मुहूर्त और व्रत की सही तारीख

Mahashivratri 2026 Shubh Muhurat: महाशिवरात्रि का व्रत पूरी दुनिया के सभी शिव भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस साल महाशिवरात्रि पर 300 साल बाद कई शुभ संयोगों का निर्माण हो रहा है। आइए जानें इस दिन बन रहे संयोगों का समय और किस व्रत की सही तारीख

अपडेटेड Feb 10, 2026 पर 12:57 PM
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चतुर्दशी तिथि में प्रदोष काल 15 फरवरी को मिल रहा है।

Mahashivratri 2026 Shubh Muhurat: महाशिवरात्रि का व्रत हर शिव भक्त के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस दिन सभी छोटे-बड़े शिव मंदिरों से लेकर प्रमुख ज्योतिर्लिंगों तक में भक्तों की धूम रहती है। सभी मंदिरों में दर्शन और पूजा के लिए भक्तों की लंबी लाइन लगती है। भव्य सजावट से लेकर अनुष्ठान की विशेष व्यवस्था की जाती है। महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस साल महाशिवरात्रि पर्व के दिन ग्रहों और नक्षत्रों की बेहद शुभ और फलदायी स्थिति ऐसी बन रही है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, साल 2026 के महाशिवरात्रि के पर्व में 300 साल के बाद 10 शुभ योग और 5 राजयोगों का निर्माण हो रहा है। लेकिन इस साल इस पर्व की सही तारीख को लेकर काफी भक्त भ्रम में हैं। आइए जानें कंफ्यूजन की वजह और व्रत की सही तारीख।

व्रत की तारीख को लेकर क्यों है कंफ्यूजन?

महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। हिंदू धर्म में पर्व और त्योहार उदयातिथि के अनुसार मनाए जाते हैं। अगर, किसी अवसर पर उदयातिथि नहीं मिलती तो उस तिथि पूजा का मुहूर्त की मान्यता देखी जाती है। जैसे इस बार महाशिवरात्रि पर हो रहा है।

महाशिवरात्रि की तारीख

इस साल फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी 15 फरवरी को शाम 05 बजकर 04 मिनट से शुरू हो रही है, जो 16 फरवरी को शाम 05 बजकर 34 मिनट तक रहने वाली है। ऐसे में महाशिवरात्रि का त्योहार 15 फरवरी को ही मान्य है, क्योंकि इस पर्व में प्रदोष काल में पूजा का महत्व होता है। चतुर्दशी तिथि में प्रदोष काल 15 फरवरी को मिल रहा है। महाशिवरात्रि व्रत का पारण 16 फरवरी को सुबह 06 बजकर 59 मिनट से दोपहर 03 बजकर 24 मिनट के बीच कर सकते हैं।

पूजा के प्रमुख मुहूर्त


अभिजित मुहूर्त : दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक

सांध्य काल मुहूर्त : शाम 07:28 बजे के बाद

निशिथ काल मुहूर्त : रात 12:09 बजे से देर रात 01:00 बजे तक

महाशिवरात्रि पर राहुकाल

महाशिवरात्रि पर शाम 04:47 बजे से 06:11 बजे तक राहुकाल भी रहेगा। इसमें पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान से बचना चाहिए।

300 साल बाद 5 राजयोग और 10 शुभ योगों का संयोग

ज्योतिष गणना के अनुसार, महाशिवरात्रि पर 5 राजयोग और 10 शुभ योग रहने वाले हैं। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति एक साथ कई शुभ योगों का निर्माण कर रही है। महाशिवरात्रि के दिन बुध-सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग रहेगा। बुध-शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग रहेगा। सूर्य-शुक्र की युति से शुक्रादित्य राजयोग होगा। साथ ही, शनि अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में रहकर शश नामक महापुरुष राजयोग बनाएंगे। वहीं, कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु की एकसाथ मौजूदगी से चतुर्ग्रही योग का भी निर्माण होगा।

महाशिवरात्रि के 10 शुभ योग

शिवयोग : सुबह 05:45 बजे से शुरू होकर पूरे दिन।

सर्वार्थ सिद्धि योग : सुबह 06:43 बजे से सुबह 09:37 बजे तक।

प्रीति योग : पूर्वाह्न 11:19 बजे से 11:23 बजे तक।

आयुष्मान योग : दोपहर 12:17 बजे से 01:54 बजे तक।

सौभाग्य योग : शाम 05:07 बजे से 05:53 बजे तक।

शोभन योग : शाम 07:47 बजे से रात 08:34 बजे तक।

साध्य योग : रात 08:54 बजे से 10:02 बजे तक।

शुक्ल योग : रात 10:42 बजे से 11:58 बजे तक।

ध्रुव योग : रात 02:57 बजे से अगली सुबह 05:53 बजे तक।

अन्य योग : इस दिन व्यतिपात और वरियान योग भी रहेगा।

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