Kumbh Sankranti 2026 Date: विजया एकादशी पर कुंभ संक्रांति का दुर्लभ संयोग, जानें किस दिन किया जाएगा विजया एकादशी का व्रत?

Kumbh Sankranti 2026 Date: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी यानी विजया एकादशी पर बहुत दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस दिन भगवान सूर्य राशि परिवर्तन कर कुंभ राशि में गोचर करेंगे और अगले 30 दिनों तक इसी राशि में गोचर करेंगे। आइए जानें किस तारीख को किया जाएगा विजया एकादशी का व्रत

अपडेटेड Feb 10, 2026 पर 7:00 AM
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उदया तिथि के आधार पर विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी शुक्रवार को है।

Kumbh Sankranti 2026 Date: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित होती है और इसे सृष्टि के पालनहार को प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय माना जाता है। प्रत्येक हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को ये व्रत किया जाता है। इस तरह पूरे साल में 24 एकादशी तिथियां आती हैं। इनमें से एक है विजया एकादशी का व्रत। यह व्रत फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है।

इस साल इस एकादशी तिथि पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस दिन सूर्य भगवान राशि परिर्वतन कर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे और अगले 30 दिनों तक इसी राशि में गोचर करें। इस दिन सूर्य की कुंभ संक्रांति होगी। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है। सूर्य का राशि परिवर्तन 30 दिनों के अंतराल पर होता है। सूर्य जिस राशि में प्रवेश करते हैं, उसकी संक्रांति मनाई जाती है। जैसे जनवरी में जब सूर्य ने मकर राशि में प्रवेश किया था, तब मकर संक्रांति हुई थी। हिंदू वर्ष में सूर्य सभी 12 राशियों में गोचर करते हैं और इसी के आधार पर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। आइए जानें इस साल ये किस दिन मनाया जाएगा?

सूर्य का कुंभ राशि में गोचर

सूर्य देव 13 फरवरी यानी फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन सुबह 04 बजकर 04 मिनट पर मकर राशि से निकलकर राशि परिवर्तन करेंगे। इस राशि में सूर्य देव 14 मार्च तक रहेंगे।

शुभ मुहूर्त

कुंभ संक्रांति पर पुण्य काल सुबह 07 बजकर 01 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक है। वहीं, महा पुण्य काल सुबह 07 बजकर 01 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 53 मिनट तक है। साधक महा पुण्य काल में गंगा स्नान कर सूर्य देव की पूजा कर सकते हैं। कुंभ संक्रांति पर पुण्य काल 01 घंटा 51 मिनट का है। वहीं, पुण्य क्षण सुबह 04 बजकर 14 मिनट पर है।


शुभ योग

कुंभ संक्रांति पर सौभाग्य और शिववास योग का निर्माण हो रहा है। वहीं, मूल और पूर्वाषाढा नक्षत्र का संयोग है। इन योग में लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी।

विजया एकादशी व्रत तारीख

एकादशी तिथि का प्रारंभ – 12 फरवरी दिन गुरुवार, दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से

एकादशी तिथि का समापन – 13 फरवरी दिन शुक्रवार, दोपहर 2 बजकर 25 मिनट तक

उदया तिथि के आधार पर विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी शुक्रवार को है।

पारण का समय : 14 फरवरी 2026, सुबह 07:01 से 09:15 बजे तक

विजया एकादशी शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त : प्रात: 05:17 बजे से सुबह 06:08 बजे तक

अभिजित मुहूर्त : दोपहर 12:13 बजे से दोपहर 12:58 बजे तक

विजय मुहूर्त : दोपहर 02:27 बजे से दोपहर 03:12 बजे तक

सर्वार्थ सिद्धि योग : सुबह 07:00 बजे से सुबह 07:48 बजे तक

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