Mahashivratri 2026 Vrat ke Niyam: करना है महाशिवरात्रि का व्रत, तो जान लें उपवास में खानपान के ये जरूरी नियम
Mahashivratri 2026 Vrat ke Niyam: महाशिवरात्रि का व्रत पूरे देश बहुत आस्था और नियम पालन के साथ मनाया जाता है। यह पर्व सभी शिव भक्तों के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इसमें सात्विक खानपान विशेष रूप से अनिवार्य होता है। आइए जानें इस व्रत से जुड़े खानपान के नियमों के बारे में
इस व्रत में भी उसका पूर्ण फल तभी मिलता है, जब खानपान के नियमों का सही से पालन करते हैं।
Mahashivratri 2026 Vrat ke Niyam: महाशिवरात्रि दुनिया भर के शिवभक्तों के लिए पूरे साल का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन भक्त अपने भगवान को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के नियम अपनाते हैं। इसमें पूजा-पाठ और अनुष्ठान से लेकर खानपान तक सब कुछ शामिल रहता है। देवाधिदेव महादेव को समर्पित महाशिवरात्रि का पर्व केवल मन की शांति ही नहीं बल्कि शरीर को शुद्ध करने के लिए भी बेहतरीन माना जाता है। लेकिन किसी भी व्रत की तरह इस व्रत में भी उसका पूर्ण फल तभी मिलता है, जब खानपान के नियमों का सही से पालन करते हैं। अगर आप भी इस महाशिवरात्रि पर व्रत रखने का मन बना रहे हैं, तो पहले इस व्रत में खानपान के इन नियमों को जरूर जान लें।
तीन तरह से करते हैं महाशिवरात्रि व्रत
भगवान और भक्त के बीच किसी चीज का कोई स्थान नहीं होता और भक्त जैसे चाहे वैसे अपने आराध्य को साध सकता है, लेकिन महाशिवरात्रि का व्रत आमतौर पर तीन तरह से किया जाता है :
निर्जला व्रत : इसे सबसे कठिन व्रत माना जाता है। इस उपवास में पूरे दिन और रात भोजन और पानी ग्रहण नहीं किया जाता है।
फलाहार व्रत : यह सबसे ज्यादा प्रचलित व्रत है। इसमें फल, मेवे, दूध और ड्राई फ्रूट्स का सेवन किया जा सकता है। तामसिक चीजों का सेवन वर्जित होता है।
सात्विक व्रत : इसमें अनाज रहित भोजन किया जाता है, जैसे साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू की रोटी, आलू और मूंगफली आदि।
महाशिवरात्रि व्रत में खानपान के नियम
सिंघाड़े और राजगिरा का आटा : सिंघाड़े और राजगिरा के आटे से बनी पूड़ी, पराठा या हलवा व्रत में खाना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। ये सात्विक भी है और शरीर को ऊर्जा भी देता है।
फलाहार : इस दिन केला, सेब, पपीता, अनार, खजूर, बादाम और अखरोट जैसे फलों व मेवों का सेवन किया जा सकता है।
जूस और पानी : व्रत के दिन शरीर को हाइड्रेट रखना भी बहुत जरूरी है। नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी, फलों का जूस और दूध के सेवन से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और पानी की कमी भी नहीं होती।
साबूदाना और सामा चावल : महाशिवरात्रि के दिन साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू की रोटी और सामा चावल से बने व्यंजन खाने चाहिए। ये पौष्टिक होते हैं और आसानी से पच जाते हैं।
मखाना और मूंगफली : मखाना और मूंगफली दोनों स्वास्थ्य के लिए अच्छे माने जाते हैं। ये शरीर को ऊर्जा देते हैं और पेट को भारी नहीं करते हैं।
महाशिवरात्रि व्रत में ये नहीं खाएं
प्याज और लहसुन : यह तामसिक भोजन की श्रेणी में आते हैं, इसलिए इनका सेवन व्रत में नहीं करना चाहिए।
सामान्य नमक : व्रत में साधारण नमक का सेवन वर्जित है। केवल सेंधा नमक का उपयोग करें।
मसालेदार और तली चीजें : ज्यादा तली-भुनी चीजें जैसे पकौड़े या चिप्स खाने से पेट भारी हो सकता है और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी हो सकती है।
अनाज और दालें : व्रत के दिन चावल, गेहूं, मक्का, दाल और बेसन जैसे अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए।
चाय, कॉफी और शराब : व्रत के दिन चाय, कॉफी और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। इसे अशुभ माना जाता है और इससे शरीर में असंतुलन पैदा हो सकता है।
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