Mohini Ekadashi 2026 Date: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। एकादशी व्रत को भगवान विष्णु की कृपा पाने का सबसे आसान रास्ता माना जाता है। यह व्रत हिंदू कैलेंडर के हर माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। इस तरह साल में 24 एकादशी व्रत होते हैं। सभी एकादशी पर विधि-विधान से व्रत करने वाले भक्तों को भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है। उनकी कृपा से भक्तों की दुख-तकलीफें सब दूर हो जाते हैं।
ऐसी ही एकादशी है वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि। इसे मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान उसमें से अमृत निकला था, जिसके लिए देवताओं और असुरों में झगड़ा होने लगा। इस समस्या के समाधान के लिए भगवान विष्णु मोहिनी रूप में प्रकट हुए और उन्होंने देवताओं और असुरों के बीच अमृत बारी-बारी से वितरित करने का फैसला किया। इस दिन एकादशी थी, इसलिए वैशाख माह की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहते हैं। इस साल मोहिनी एकादशी पर भद्रा लग रही है। आइए जानें इसकी तारीख और मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल वैशाख शुक्ल एकादशी तिथि का प्रारंभ 26 अप्रैल दिन रविवार को शाम 6 बजकर 6 मिनट से होगा। इस तिथि का समापन 27 अप्रैल दिन सोमवार को शाम 6 बजकर 15 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर मोहिनी एकादशी का व्रत 27 अप्रैल सोमवार को रखा जाएगा।
मोहिनी एकादशी 2026 मुहूर्त
मोहिनी एकादशी 2026 पर रहेगा ध्रुव योग
इस साल की मोहिनी एकादशी ध्रुव योग में होगी। व्रत के दिन ध्रुव योग प्रात:काल से लेकर रात 9 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। ध्रुव योग भगवान विष्णु से संबंधित है। यह एक स्थिर योग है। इस शुभ योग में मकान, सगाई, विवाह, नए का की शुरुआत आदि जैसे स्थिर कार्य करते हैं, जो सफल होते हैं। मोहिनी एकादशी के दिन पूर्वाफाल्गुनी और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रहेंगे। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र प्रात:काल से लेकर रात 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा, उसके बाद से उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र प्रारंभ होगा।
मोहिनी एकादशी पर लगेगी भद्रा
मोहिनी एकादशी वाले दिन भद्रा लग रही है। उस दिन भद्रा का प्रारंभ सुबह 06:07 बजे से हो रहा है और यह शाम 06:15 बजे तक रहेगी। इस भद्रा का वास धरती पर रहेगा, इस वजह से इस समय में कोई शुभ कार्य, पूजा पाठ न करें।
मोहिनी एकादशी व्रत का पारण समय
मोहिनी एकादशी व्रत का पारण 28 अप्रैल मंगलवार को होगा। सुबह 05:43 बजे से सुबह 08:21 बजे के बीच व्रत का पारण कर सकते हैं। पारण के दिन द्वादशी तिथि का समापन शाम को 06:51 पी एम पर होगा।