Paush Purnima 2025 Upay: हिंदू धर्म में पौष के महीने को छोटा पितृ पक्ष माना जाता है। इसका धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत महत्व है। इस महीने में सूर्य देव की उपासना और अर्घ्य देने से जीवन में उर्जा बनी रहती है और सकारात्मकता आती है। इस माह की अंतिम तिथि यानी पूर्णिमा का दिन भी अत्यंत पवित्र दिनों में से एक माना जाता है। इस दिन चंद्र देव का दर्शन और पूजन करने के साथ ही अर्घ्य देने चंद्र दोष शांत होता है और जीवन में शुभता का संचार होता है। पौष पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करने और पितरों की याद में तर्पण और दान करने से उनकी आत्मा तृप्त होती है। साथ ही पितृ दोष में भी शांति मिलती है। पौष पूर्णिमा पर प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व होता है। इसके साथ ही इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा सुनना भी विशेष रूप से पुण्यदायी माना जाता है। भगवान सत्यनारायण की कथा करने से घर-परिवार में सुख, समृद्धि और सौभाग्य बढ़ता है। आइए जानें नए साल में पौष पूर्णिमा का व्रत किस दिन किया जाएगा?
