Paush Purnima Vrat 2026: पौष माह की पूर्णिमा नए साल 2026 की पहली पूर्णिमा तिथि होगी। इस दिन किए गए दान का पुण्य कई लाख गुना मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पौष के महीने को छोटा पितृ पक्ष माना जाता है। इसमें पितरों का तर्पण और पिंडदान करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और पितृ दोष कम होता है। मान्यता है कि इस महीने की पूर्णिमा तिथि सबसे पवित्र होती है। इस दौरान किए गए व्रत और पूजा से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से सारे पाप मिट जाते हैं और जीवन कष्ट मुक्त हो जाता है। कई लोग इसी दिन से कल्पवास की शुरुआत करते हैं और भगवान विष्णु के साथ-साथ सूर्यदेव की भी पूजा करते हैं। इस बार पौष पूर्णिमा की तारीख को लेकर लोगों में थोड़ा भ्रम बना हुआ है। आइए जानें इसकी तारीख और इसमें किए जाने वाले आसान उपायों के बारे में।
