Pitra Paksh 2025: भूलकर भी न रखें गूंथा आटा फ्रिज में, पितृपक्ष में बन सकता है पितृ दोष

Pitra Paksh 2025: हिंदू धर्म में पितृपक्ष का समय बेहद पवित्र माना जाता है। इस दौरान हर काम सोच-समझकर करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार पितरों को तर्पण, पिंडदान और जल अर्पण से संतुष्टि मिलती है। गलत आदतें पितृ दोष उत्पन्न कर सकती हैं, इसलिए इस समय सतर्क रहना आवश्यक है

अपडेटेड Sep 08, 2025 पर 10:52 AM
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Pitra Paksh 2025: पितृपक्ष ही नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी गूंथा हुआ आटा फ्रिज में रखना हानिकारक है।

हिंदू धर्म में पितृपक्ष का समय अत्यंत पवित्र और संवेदनशील माना जाता है। इस दौरान हर कार्य सोच-समझकर और सतर्कता के साथ करना आवश्यक होता है। शास्त्रों में कहा गया है कि पितरों को तर्पण, पिंडदान और जल अर्पण से संतुष्टि मिलती है और उनके प्रति सम्मान प्रकट होता है। वहीं, अगर इस पवित्र समय में कोई गलत आदतें या लापरवाहियां जारी रहती हैं, तो इसका असर पितृ दोष के रूप में सामने आ सकता है। पितृपक्ष के दौरान विशेष ध्यान देना इसलिए जरूरी है ताकि पूर्वजों की कृपा बनी रहे और परिवार में सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहे। इसी कारण शास्त्रों में भोजन, आचार और जीवनशैली को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि इस पवित्र अवसर का सही तरीके से पालन हो सके।

गूंथा हुआ आटा

आम दिनों में लोग सुविधा के लिए आटा गूंथकर फ्रिज में रख लेते हैं। लेकिन शास्त्रों में इसे अशुद्ध माना गया है। गूंथा हुआ आटा फ्रिज में रखने से ये खराब ऊर्जा आकर्षित करता है। पितृपक्ष में, गूंथे हुए आटे का गोला पिंड के समान माना जाता है। ऐसे में रोजमर्रा का आटा पिंड के रूप में रखना पितरों का अनादर माना जाता है।


पितृपक्ष में इसका प्रभाव

पितृपक्ष में तर्पण और जल अर्पण के दौरान गूंथा हुआ आटा फ्रिज में रखने से पितर अप्रसन्न हो सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार इससे परिवार में आर्थिक संकट, स्वास्थ्य समस्याएं और मानसिक तनाव बढ़ने की संभावना रहती है। कई ज्योतिषियों का मानना है कि छोटी-सी गलती से भी पितरों की कृपा बाधित हो सकती है। इसलिए इस दौरान भोजन और आचार-विचार में विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है।

सामान्य दिनों में भी हानिकारक

पितृपक्ष ही नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी गूंथा हुआ आटा फ्रिज में रखना हानिकारक है। आयुर्वेद के अनुसार, गूंथे आटे में नमी और बैक्टीरिया पनप सकते हैं। आधुनिक विज्ञान भी मानता है कि पुराना आटा पाचन संबंधी समस्याएं, गैस और अपच जैसी परेशानियां पैदा कर सकता है। इसलिए बुजुर्ग हमेशा ताजा आटा गूंथने की सलाह देते थे।

उपाय और सतर्कता

जितना आटा चाहिए, उतना ही उसी समय गूंथें।

अगर बचा हुआ आटा है, तो उसे तुरंत किसी जरूरतमंद को दान कर दें।

पितृपक्ष में खास ध्यान रखें कि गूंथा आटा फ्रिज या किसी बर्तन में न रखा जाए।

भोजन हमेशा ताजा बनाएं और पितरों को भी ताजा अन्न अर्पित करें।

यदि रात का आटा सुबह उपयोग करना ही पड़े, तो उसमें तुलसी पत्र डालकर भोजन बनाएं।

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