Pradosh Vrat 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष की तिथि को भगवान शिव और माता पर्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पर्वती की पूजा करने कष्टों से मुक्ति मिलती है और पुण्य फल प्राप्ति होती है। इस दिन प्रदोष काल में पूजा का विशेष महत्व है। प्रदोष व्रत प्रत्येक हिंदू माह में दो बार कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस तरह साल में 24 प्रदोष व्रत होता है। पौष माह का दूसरा और अंतिम प्रदोष व्रत 01 जनवरी 2026 को किया जाएगा। नए साल की शुरुआत भगवान शिव के आशीर्वाद के साथ होने की वजह इस दिन का धार्मिक महत्व बढ़ गया है। आइए जानें इस दिन की पूजा विधि और मुहूर्त क्या रहेंगे ?
