Pradosh Vrat 2026: 15 या 16 जनवरी माघ का पहला प्रदोष व्रत कब होगा? जानें सही तारीख, पूजा विधि और मुहूर्त

Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पर्वती को समर्पित होता है। ये व्रत हर हिंदू माह में दो बार किया जाता है। एक बार कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को और दूसरी बार शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को। आइए जानें माघ माह का प्रदोष व्रत किस दिन होगा, इसकी पूजा विधि और मुहूर्त क्या होंगे

अपडेटेड Jan 12, 2026 पर 11:06 PM
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माघ महीने का पहला प्रदोष व्रत दिन शुक्रवार 16 जनवरी को रखा जाएगा।

Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत हर हिंदू माह की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है, जो कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में आती है। इस तरह हर माह में दो प्रदोष व्रत होते हैं, यानी साल में 24 व्रत। मास की यह तिथि भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होती है। शिव पुराण में प्रदोष व्रत की महिमा वर्णित है। इस व्रत को करने से साधक को कालसर्प दोष, पितृ समेत अन्य राहु-केतु से संबंधित दोषों का निवारण भी होता है। यह दिन बेहद शुभ होता है। माघ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को ये व्रत किया जाएगा। आइए जानें इस व्रत की तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि क्या हैं?

माघ प्रदोष व्रत तारीख

पंचांग के अनुसार, माघ महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 जनवरी को रात 8 बजकर 16 मिनट पर शुरू होगी और 16 जनवरी को रात 10 बजकर 21 मिनट पर इस तिथि का समापन होगा। उदयातिथि के अनुसार, माघ महीने का पहला प्रदोष व्रत दिन शुक्रवार 16 जनवरी को रखा जाएगा।

प्रदोष व्रत की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
  • दिन भर सात्विक रहें और शिव मंत्रों का मन ही मन जाप करें।
  • शाम को सूर्यास्त से करीब 45 मिनट पहले दोबारा स्नान करें।
  • इसके बाद भगवान शिव का गंगाजल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें।
  • उन्हें बिल्व पत्र, धतूरा, आक के फूल और भस्म अर्पित करें।
  • प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें और अंत में आरती करें।


प्रदोष व्रत के नियम

  • प्रदोष की पूजा में उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख रखें।
  • हमेशा कुश के आसन पर बैठकर पूजा करें।
  • इस दिन अन्न का सेवन वर्जित होता है, शाम की पूजा के बाद ही फलाहार करें।

दिन अनुसार प्रदोष व्रत के लाभ

  • सोम प्रदोष व्रत करने से मानसिक तनाव की समस्या दूर होती है।
  • भौम प्रदोष व्रत करने से कर्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है।
  • बुध प्रदोष व्रत करने से साधक को मनचाहा वरदान मिलता है।
  • गुरु प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति को शत्रु भय से से मुक्ति मिलती है।
  • शुक्र प्रदोष व्रत करने से साधक को शुभ कामों में सफलता मिलती है।
  • शनि प्रदोष व्रत करने से करियर और कारोबार में सफलता मिलती है।
  • रवि प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति को आरोग्य जीवन का वरदान मिलता है।

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