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Pradosh Vrat June 2026: 27 या 28 जून कब किया जाएगा जून का अंतिम प्रदोष व्रत, जानें सही तारीख, मुहूर्त और शनि प्रदोष व्रत की पूजा विधि

Pradosh Vrat June 2026: प्रदोष व्रत प्रत्येक हिंदू माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। यह तिथि भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में की जाती है। आइए जानें ज्येष्ठ माह का अंतिम प्रदोष व्रत कब किया जाएगा।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 24, 2026 पर 5:33 PM
Pradosh Vrat June 2026: 27 या 28 जून कब किया जाएगा जून का अंतिम प्रदोष व्रत, जानें सही तारीख, मुहूर्त और शनि प्रदोष व्रत की पूजा विधि
हर हिंदू माह के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है।

Pradosh Vrat June 2026: हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना ज्येष्ठ माह अब समाप्त होने वाला है। ऐसे में लोग इस माह के अंतिम प्रदोष व्रत की तारीख जानने को इच्छुक हैं। प्रदोष व्रत हिंदी कैलेंडर के हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित इस तिथि पर प्रदोष काल में पूजा करने का विधान है। इस समय शुद्ध ज्येष्ठ माह का शुक्ल पक्ष चल रहा है और इसकी त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर हिंदू माह के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत करने वाले भक्तों पर भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा रहती है। इस दिन की गई पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

कहा जाता है कि, प्रदोष काल में सच्चे मन से शिव आराधना करने पर पापों का नाश होता है और मनचाही इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष काल वह समय होता है जब भगवान शिव कैलाश पर आनंदित होकर तांडव करते हैं। ऐसे में उनकी आराधना करने का महत्व और भी कई गुना बढ़ जाता है। प्रदोष व्रत का नाम उस दिन से तय होता है, जिस दिन त्रयोदशी तिथि पड़ती है। जैसे सोमवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने पर इस व्रत का नाम सोम प्रदोष व्रत होता है।

ज्येष्ठ माह अंतिम प्रदोष व्रत तारीख

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 26 जून को रात 10 बजकर 22 मिनट पर होगी। वहीं यह तिथि 28 जून को रात 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगी। तिथियों के अनुसार, प्रदोष व्रत 27 जून 2026 शनिवार को रखा जाएगा। शनिवार होने के कारण यह शनि प्रदोष व्रत कहलाया जाएगा।

शनि प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त

प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल यानि सूर्यास्त के समय की जाती है। पंचांग के अनुसार 27 जून 2026 को पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 20 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। इस समयावधि में भगवान शिव व माता पार्वती का पूजन करना बेहद ही लाभकारी माना गया है।

शनि प्रदोष व्रत का महत्व

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