अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण की यात्रा अब अपने महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच चुकी है। 22 जनवरी 2024 को रामलला को बालक रूप में मंदिर के गर्भगृह में प्रतिष्ठित किया गया था, जो भारतीय संस्कृति और श्रद्धा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। अब ठीक 16 महीने बाद भगवान श्रीराम की दूसरी बार प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है, लेकिन इस बार वे बाल रूप में नहीं बल्कि राजा राम के स्वरूप में विराजमान होंगे। मंदिर के पहले तल पर उनका राजसी दरबार सजाया जाएगा, जिसमें उनके साथ माता सीता, अनुज लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और परम भक्त हनुमान भी स्थापित होंगे।
