Shravan Amavasya 2025 सिर्फ एक तिथि नहीं है, ये मौका अपने पितरों का आशीर्वाद लेने और उनकी आत्मा की शांति के लिए पूजा करने का। आज का दिन उन लोगों के लिए विशेष रूप से फलदायी हो सकता है जिनकी कुंडली में पितृदोष हो। परिवार में बार-बार बीमारियां, कलह, नौकरी या कारोबार में लगातार रुकावटें आना, घर में बार-बार धन हानि होना और सपनों में पूर्वजों का दिखना पितृदोष के लक्षण होते हैं। ऐसे लोगों को सावन अमावस्या के दिन विशेष रूप से दान करना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान सिर्फ आत्मिक संतोष ही नहीं देता बल्कि जीवन में कई समस्याओं को दूर भी करता है।
अमावस्या तिथि आरंभ : 24 जुलाई 2025 2.28 बजे तिथि
अमावस्या तिथि अंत : 25 जुलाई 2025 12.40 बजे
गाय को हरा चारा या गुड़ खिलाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और पितृ प्रसन्न होते हैं। आज के दिन इस उपाय को करना बेहद पुण्यकारी माना गया है।
आज के दिन गरीबों को भोजन कराने या अन्न का दान करने से पितरों को तृप्ति मिलती है और घर में अन्न की कभी कमी नहीं रहती है।
इन सुगंधित चीजों का दान करने से जीवन में सकारात्मकता आती है, वातावरण शुद्ध होता है और मानसिक शांति मिलती है। आज के दिन इन चीजों का दान विशेष फलदायी हो सकता है।
ब्राह्मणों को दक्षिणा और वस्त्र दान
अमावस्या पर पितृ तृप्ति के लिए योग्य ब्राह्मण को भोजन करवाकर वस्त्र और दक्षिणा देना बहुत पुण्य देता है। आज के दिन इसका विशेष महत्व है।
सरसों का तेल, लोहा दान करने से शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या में राहत मिलती है। आज के दिन इन चीजों का यह दान विशेष रूप से करना चाहिए।
सावन अमावस्या पर पितृदोष को शांत करने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए काले तिल और काले वस्त्र दान करना बहुत शुभ माना गया है।
बरसात के मौसम को देखते हुए गरीबों को छाता या जूते-चप्पल दान करना न सिर्फ सामाजिक रूप से बल्कि धार्मिक रूप से भी पुण्यकारी है।