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Somvati Amavasya 2026 Durlabh Sanyog: साल की पहली सोमवती अमावस्या पर बन रहे कई दुर्लभ संयोग, जानें स्नान दान का समय और महत्व

Somvati Amavasya 2026 Durlabh Sanyog: ज्येष्ठ अधिक मास की अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ रही है। इसलिए इसे सोमवती अमावस्या कहा जा रहा है। इस दिन कई दुर्लभ संयोगों का निर्माण हो रहा है। आइए जानें कौन से हैं ये संयोग और स्नान दान का महत्व

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 13, 2026 पर 5:49 PM
Somvati Amavasya 2026 Durlabh Sanyog: साल की पहली सोमवती अमावस्या पर बन रहे कई दुर्लभ संयोग, जानें स्नान दान का समय और महत्व
अमावस्या का व्रत और मुख्य पर्व 15 जून को ही मनाया जाएगा।

Somvati Amavasya 2026 Durlabh Sanyog: सोमवती अमावस्या का हिंदू धर्म में अहम स्थान है। सोमवार के दिन पड़ने वाली अमाव्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित मानी जाती है। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है, इसलिए इस दिन अमावस्या तिथि का पड़ना दुर्लभ संयोग बना रहा है। अमावस्या तिथि पितरों के तर्पण के लिए विशेष मानी जाती है, जिससे इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन लोग गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान करते हैं अपनी क्षमतानुसार दान-पुण्य करते हैं। इस साल की सोमवती अमावस्या तिथि और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ज्येष्ठ अधिकमास में आ रही है। पहली सोमवती अमावस्या 15 जून 2026, सोमवार को होगी। ऐसा संयोग लगभग 3 साल बाद बनता है।

सोमवती अमावस्या तारीख

अमावस्या तिथि प्रारंभ : 14 जून 2026 को दोपहर 12:20 बजे से

तिथि समाप्त : 15 जून 2026 को सुबह 08:24 बजे तक

उदयातिथि के अनुसार : अमावस्या का व्रत और मुख्य पर्व 15 जून को ही मनाया जाएगा।

स्नान-दान का शुभ मुहूर्त : ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:03 से सुबह 04:43 तक

सोमवती अमावस्या पर दुर्लभ योग

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