Varuthini Ekadashi 2026: आज वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। आज भगवान विष्णु को समर्पित वरूथिनी एकादशी का व्रत किया जा रहा है। माना जाता है कि वरूथिनी एकादशी का व्रत करने से 10,000 वर्षों की तपस्या के बराबर फल मिलता है। सच्चे मन से और विधि-विधान के साथ पूरे हिंदू वर्ष के प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को व्रत करने वाले सभी भक्तों पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा सदा बनी रहती है। आइए जानें आज वरूथिनी एकादशी के व्रत में पूजा और पारण का क्या मुहूर्त है? वरूथिनी एकादशी की व्रत कथा भी यहां दी जा रही है, इसे आज पूजा में जरूर पढ़ना चाहिए। साथ ही, आज के दिन कुछ विशेष उपाय करने से जीवन की दिशा चमत्कारिक रूप से बदल सकती है।
आज के शुभ मुहूर्त और पारण का समय
आज 13 अप्रैल को पूजा के लिए कई शुभ योग बन रहे हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार, आज सुबसुह 06:12 बजे से लेकर दो पहर 12:20 बजे तक का समय पूजा के लिए अत्यंत श्रेष्ठ है। वरूथिनी एकादशी व्रत का पारण 14 अप्रैल को सुबह 05:56 से 08:30 के बीच कर सकते हैं। पारण के समय द्वादशी तिथि का होना अनिवार्य है।
वरूथिनी एकादशी व्रत कथा : राजा मान्धाता को मिला भगवान का आशीर्वाद
प्राचीन काल में नर्मदा तट पर राजा मान्धाता तपस्या कर रहे थे, तभी एक भालू उनका पैर चबाने लगा। राजा डरे नहीं और न ही भालू पर क्रोध किया, बल्कि उन्होंने सच्चे मन से भगवान विष्णु को याद किया। उनकी करुण पुकार सुनकर भगवान तुरंत प्रकट हुए और अपने चक्र से भालू को मार दिया, जिससे राजा की जान बच गई।
भगवान की आज्ञा मानकर राजा मान्धाता ने पूरी श्रद्धा से वरुथिनी एकादशी का व्रत किया। इस पावन व्रत के प्रभाव से राजा का पैर पहले जैसा ठीक हो गया और वे फिर से सुंदर शरीर वाले बन गए। अंत में उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति हुई। जो भी व्यक्ति सच्चे मन से यह व्रत करता है, उसके सभी पाप मिट जाते हैं और मोक्ष मिलता है।
वरूथिनी एकादशी पर करें ये विशेष उपाय
एकादशी व्रत भगवान विष्णु की कृपा पाने का सरल मार्ग माना जाता है। आज के दिन ये छोटे-छोटे उपाय कर आप अपने भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानें