Vat Savitri Vrat 2026: वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ माह की अमावस्या और पूर्णिमा तिथि को देश के अलग-अलग हिस्सों में किया जाता है। यह व्रत विवाहित महिलाओं के लिए विशेष स्थान रखता है। माना जाता कि इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है और सुख-समृद्धि आती है। इस व्रत को अटूट प्रेम और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक भी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पति-पत्नि अगर मिल कर बरगद के पेड़ की पूजा करते हैं, तो उनका बंधन अटूट बनता है और रिश्ते में प्रेम बढ़ता है। इस साल इस व्रत के साथ कुछ दुर्लभ संयोग जुड़ रहे हैं। इनमें से एक तो यह है कि इस साल वट सावित्री व्रत के साथ शनिश्चरी अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस दिन सौभाग्य योग और शोभन योग में पूजा का संयोग भी है।
