Vijaya Ekadashi 2026: आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है और सूर्य भगवान भी आज मकर राशि से निकल कर कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस तरह आज कुंभ संक्रांति और विजया एकादशी का दुर्लभ संयोग बन रहा है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समपिर्त होता है, जबकि संक्रांति में सूर्य भगवान की पूजा का विधान है। सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है। इसलिए आज भगवान विष्णु की पूजा के साथ-साथ सूर्य देव की भी पूजा का दुर्लभ अवसर भक्तों को मिल रहा है। सूर्य को ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राजा माना जाता है। आज का दिन कुंडली के इस सबसे प्रभावशाली ग्रह को मजबूत करने के लिए बहुत शुभ है। आइए जानें विजया एकादशी के व्रत में कौन सी कथा सुनने से ही शत्रु कमजोर होते हैं और कुंभ संक्रांति के किन नियमों का पालन करना जरूरी है?
