Anders Antonsen Withdraws India Open 2026: दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी डेनमार्क के एंडर्स एंटोनसन ने बुधवार (14 जनवरी) को कहा कि दिल्ली में बहुत अधिक प्रदूषण के कारण उन्होंने लगातार तीसरे साल 'इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट' में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है। डेनिश शटलर एंटोनसेन ने अपने देश की मिया ब्लिचफेल्ट की तरह 'इंडिया ओपन 2026' की आलोचना करते हुए कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्याओं के कारण भारत बैडमिंटन टूर्नामेंट होस्ट करने के लिए ठीक नहीं है।
एंटोनसन ने पिछले हफ्ते इंडिया ओपन से हटने का फैसला किया था। लेकिन यह कारण नहीं बताया था कि उन्होंने आखिर क्यों ऐसा फैसला किया। डेनमार्क के इस खिलाड़ी ने हालांकि बुधवार को इंस्टाग्राम पर अपने फैसले का कारण बताते हुए दिल्ली में प्रदूषण के खतरनाक स्तर को जिम्मेदार ठहराया।
एंटोनसन ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि मैंने लगातार तीसरे साल इंडिया ओपन से नाम क्यों वापस ले लिया है। इस समय दिल्ली में बहुत अधिक प्रदूषण है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह बैडमिंटन टूर्नामेंट की मेजबानी करने के लिए सही जगह है।" उन्होंने यह भी बताया कि वर्ल्ड बैडमिंटन बॉडी ने नाम वापस लेने के लिए उन पर 5,000 USD का जुर्माना लगाया है।
डेनमार्क के इस 28 साल के खिलाड़ी ने हालांकि उम्मीद जताई कि अगस्त में जब इसी जगह पर BWF बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा तो हालात जनवरी की तुलना में बेहतर होंगे। वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक रजत और तीन कांस्य पदक सहित चार पदक जीतने वाले एंटोनसन ने कहा, "उम्मीद है कि गर्मियों में जब दिल्ली में वर्ल्ड चैंपियनशिप होगी तो हालात बेहतर होंगे।"
एंटोनसन ने इंडिया ओपन का ड्रॉ निकाले जाने से पहले ही प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया था। लेकिन उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता से हटने के कारण वैश्विक संचालन संस्था वर्ल्ड बैडमिंटन फेडरेशन (BWF) ने उन पर 5,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया है। एंटोनसन पिछली बार 2023 में इंडिया ओपन में खेले थे। वहां वह दूसरे दौर में हार गए थे।
एंटोनसन ने साथ ही इंस्टाग्राम पर एक स्क्रीनशॉट भी डाला है जिसमें दिल्ली के AQI लेवल को 348 दर्शाया गया है। BWF के नियमों के अनुसार, किसी चोट या मेडिकल छूट के अलावा शीर्ष खिलाड़ियों (टॉप 15 सिंगल्स और टॉप 10 डबल्स खिलाड़ी) के लिए वर्ल्ड टूर 750, वर्ल्ड टूर 1,000 प्रतियोगिता और वर्ल्ड टूर फाइनल्स में खेलना जरूरी है।
नियमों में यह भी कहा गया है कि प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेने की स्थिति में खिलाड़ी पर सामान्य स्थिति में टूर्नामेंट से देर से हटने पर लगने वाले जुर्माने से अधिक जुर्माना लगेगा। पता चला है कि एंटोनसन ने बीडब्ल्यूएफ से छूट के लिए अपील की थी। लेकिन वैश्विक संचालन ने उनके अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।
एक और खिलाड़ी ने की आलोचना
इससे पहले मंगलवार को एंटोनसन की हमवतन मिया ब्लिचफेल्ट के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में साफ-सफाई की स्थिति के बारे में शिकायत की थी। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में ही अगस्त में वर्ल्ड चैंपियनशिप का भी आयोजन होना है। ब्लिचफेल्ट ने इंडिया ओपन के नए आयोजन स्थल आईजी स्टेडियम में खेलने के हालात की आलोचना करते हुए कहा कि हॉल बदलने से खिलाड़ियों के लिए अस्वास्थ्यकर हालात में सुधार नहीं आया है। हालांकि भारतीय बैडमिंटन संघ ने इसका खंडन किया है।
बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने अगस्त में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप को ध्यान में रखकर इस साल इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट केडी जाधव हॉल की बजाय इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में कराया है। भारत 17 साल बाद विश्व चैम्पियनशिप की मेजबानी कर रहा है।
ब्लिचफेल्ट ने मीडिया से कहा, "मैं कोर्ट के हालात से खुश हूं लेकिन स्वास्थ्य हालात से नहीं।" दूसरे दौर में पहुंची दुनिया की 20वें नंबर की इस खिलाड़ी ने कहा, "मैं उम्मीद कर रही थी कि यहां दूसरे हॉल से बेहतर हालात होंगे। लेकिन यह अभी भी बहुत गंदा है। खिलाड़ियों की सेहत के लिए अच्छा नहीं है। हर कोई दो पतलून, जैकेट, दस्ताने और हैट पहनकर वॉर्म अप कर रहा है।"
उन्होंने कहा कि ठंड और अस्वच्छ माहौल ने खिलाड़ियों की मुश्किलें बढा दी है। ब्लिचफेल्ट ने कहा, "कोर्ट पर जाकर तेजी से खेलने की तैयारी कर रहे खिलाड़ी के लिये यह वॉर्मअप की आदर्श स्थिति नहीं है। मैं जानती हूं कि हर कोई पूरे प्रयास कर रहा है कि हालात बेहतर हों लेकिन अभी लंबा सफर तय करना है।"