आईपीएल का 19वां सीजन शुरू होने से पहले राजस्थान रॉयल्स (RR) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले राजस्थान रॉयल्स (RR) की टीमें बिक गईं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, काल सोमानी के नेतृत्व वाले अमेरिका के एक ग्रुप ने राजस्थान रॉयल्स को करीब 1.63 बिलियन डॉलर (लगभग 15,000 करोड़ रुपये) में खरीद लिया है। इस ग्रुप में वॉलमार्ट परिवार के रॉब वॉल्टन और फोर्ड से जुड़े हैम्प परिवार भी शामिल हैं।
वहीं इस डील के बाद से राजस्थान रॉयल्स (RR) को पहला खिताब जिताने वाले दिग्गज स्पिनर शेन वॉर्न का नाम सुर्खियों में है। वहीं खबर हैं कि इस डील से शेन वॉर्न के बच्चों को भी बड़ा आर्थिक फायदा मिल सकता है।
राजस्थान रॉयल्स में हैं वॉर्न की हिस्सेदारी
2008 में आईपीएल शुरू होने से पहले शेन वॉर्न को राजस्थान रॉयल्स ने टीम में शामिल किया था। उनका कॉन्ट्रैक्ट खास था, क्योंकि उन्हें सिर्फ कप्तान ही नहीं बनाया गया, बल्कि हर सीजन खेलने पर 0.75 फीसदी हिस्सेदारी भी दी गई। वॉर्न ने टीम के साथ चार सीजन खेले और 2008 में ही टीम को खिताब भी जिताया। इस तरह उनके पास फ्रेंचाइजी में कुल मिलाकर करीब 3 फीसदी हिस्सेदारी हो गई थी।
कितना मिलेगा शेन वॉर्न के परिवार को
शेन वॉर्न का साल 2022 में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था, लेकिन उनकी दूरदर्शिता का फायदा अब उनके परिवार को मिल रहा है। करीब दो दशक पहले की गई डील की वजह से आज उनके परिवार को बड़ा आर्थिक लाभ मिलने वाला है। अब जब राजस्थान रॉयल्स की कीमत करीब 15,000 करोड़ रुपये आंकी जा रही है, तो शेन वॉर्न की लगभग 3 फीसदी हिस्सेदारी की कीमत करीब 450-460 करोड़ रुपये बनती है। यह रकम उनके परिवार को मिलेगी। अगर बीसीसीआई इस डील को मंजूरी देता है, तो उनका परिवार अपने शेयर बेचकर ये पैसा हासिल कर सकता है।
किसने खरीदा है राजस्थान रॉयल्स
राजस्थान रॉयल्स की यह बड़ी डील ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक रेन ग्रुप की देखरेख में कई हफ्तों की बोली प्रक्रिया के बाद पूरी हुई। टेक्नोलॉजी क्षेत्र से जुड़े एंटरप्रेन्योर काल सोमानी ने टीम में बहुमत हिस्सेदारी हासिल की, जो पहले छोटे निवेशकों के पास थी। इस सौदे को वॉलमार्ट परिवार के रॉब वॉल्टन और एनएफएल टीम डेट्रॉइट लायंस के मालिक हैम्प परिवार जैसे बड़े इन्वेस्टर्स का समर्थन मिला है। यह डील भारतीय खेलों में अब तक के सबसे बड़े निजी निवेशों में से एक मानी जा रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, काल सोमानी के नेतृत्व वाले ग्रुप ने एक भारतीय मल्टीनेशनल कंपनी को पीछे छोड़ दिया, जो अमेरिकी स्पोर्ट्स निवेशक डेविड ब्लिट्जर के साथ मिलकर बोली लगा रही थी। इससे पहले रॉयल्स के चेयरमैन मनोज बडाले की अगुवाई वाले बोर्ड ने कोलंबिया पैसिफिक कैपिटल पार्टनर्स के 1.7 बिलियन डॉलर के प्रस्ताव को यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि यह डील पूरी नहीं हो पाएगी।