IND vs PAK: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को होने वाले मुकाबले को लेकर सस्पेंस बरकरार है। वहीं हाल ही में बॉयकॉट को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के साथ एक बैठक की। इस बैठक में पाकिस्तान ने ICC के सामने कई मांगें रखीं। वहीं ICC ने इनमें से तीन प्रमुख मांगों को खारिज कर दिया। इन मांगों में भारत के साथ बाइलेटरल सीरीज दोबारा शुरू करने और भारत, पाकिस्तान व बांग्लादेश के बीच ट्राई-सीरीज कराने का प्रस्ताव भी शामिल था।
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार ICC ने ये कहते हुए इस मांग को खारिज कर दिया कि ऐसे फैसले पूरी तरह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और भारत सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। बता दें पाकिस्तान सरकार ने 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ होने वाले मैच को बॉयकॉट करने का ऐलान किया है।
इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भारत के साथ बाइलेटरल क्रिकेट दोबारा शुरू करने की बात भी उठाई थी। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक आईसीसी ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान इस तरह की मांग नहीं कर सकता और उसे दिसंबर 2024 में साइन किए गए मेंबर्स पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट (MPA) की शर्तों का पालन करना होगा। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बातचीत के दौरान रखी गई मांगों में से कोई स्वीकार की गई है या नहीं।
ICC, PCB और BCCI के बीच पहले से एक हाइब्रिड होस्टिंग मॉडल पर सहमति है, जिसके तहत ICC टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान के मैच न्यूट्रल वेन्यू स्थानों पर कराए जा सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ICC का मानना है कि इन नियमों में दोबारा बदलाव करने की फिलहाल कोई जरूरत नहीं है।
आईसीसी के साथ मीटिंग में पाकिस्तान बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी ने कहा कि वह इस मामले पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से चर्चा करके फैसला लेंगे। वहीं आईसीसी ने पाकिस्तान को जल्द फैसला लेने के लिए अल्टीमेटम भी दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, आईसीसी ने पाकिस्तान को फैसला लेने के लिए एक दिन का समय दिया है। भारत-पाकिस्तान मैच पर अंतिम निर्णय जल्द हो सकता है और आधिकारिक घोषणा आज शाम या बुधवार सुबह तक आ सकती है।
भारत और बांग्लादेश में होनी थी बाइलेटरल सीरीज
भारत को सितंबर में बांग्लादेश में एक बाइलेटरल सीरीज खेलनी है। यह सीरीज पहले पिछले साल होने वाली थी, लेकिन भारत और बांग्लादेश के राजनीतिक संबंधों में तनाव आने के बाद इसे टाल दिया गया। उस समय शेख हसीना सरकार के हटने के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा की घटनाएं भी हुई थीं, जिसके चलते कार्यक्रम को फिर से तय करना पड़ा।