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देश छोड़ने को मजबूर हुए T20 वर्ल्ड कप में खेलने वाले खिलाड़ी, बोर्ड ने नहीं दी प्राइज मनी

Oman Players: कप्तान कश्यप प्रजापति की कप्तानी में ओमान की टीम ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप को अपने करियर का खास मौका माना। टी20 वर्ल्ड कप 2024 में ओमान की टीम ग्रुप-बी में शामिल थी और उन्हें ऑस्ट्रेलिया व इंग्लैंड जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने का मौका मिला

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 07, 2025 पर 10:04 PM
देश छोड़ने को मजबूर हुए T20 वर्ल्ड कप में खेलने वाले खिलाड़ी, बोर्ड ने नहीं दी प्राइज मनी
टी20 वर्ल्ड कप 2024 में ओमान की टीम ग्रुप-बी में शामिल थी और उन्हें ऑस्ट्रेलिया व इंग्लैंड जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने का मौका मिला

वेस्टइंडीज और अमेरिका में पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप 2024 का आयोजन हुआ था। इसका फाइनल मुकाबला भारत और साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला गया था, जिसमें भारत ने जीत दर्ज की थी। इस टूर्नामेंट में ओमान की टीम ने भी हिस्सा लिया, लेकिन उनका सफर ग्रुप स्टेज में ही खत्म हो गया। वहीं अब ओमान की क्रिकेट टीम और उनके बोर्ड के बीच 2024 टी20 वर्ल्ड कप की इनामी राशि को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। खिलाड़ियों का आरोप है कि टूर्नामेंट के दौरान तय की गई करीब 2.25 लाख डॉलर की राशि अब तक उन्हें नहीं मिली है।

कप्तान कश्यप प्रजापति की कप्तानी में ओमान की टीम ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप को अपने करियर का खास मौका माना। टी20 वर्ल्ड कप 2024 में ओमान की टीम ग्रुप-बी में शामिल थी और उन्हें ऑस्ट्रेलिया व इंग्लैंड जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने का मौका मिला। भले ही ओमान कोई मैच नहीं जीत सका, लेकिन इतनी बड़ी स्टेज पर खेलना खुद में ही एक उपलब्धि रहा। अब इन खिलाड़ियों को प्राइज मनी न मिलने का मुद्दा सामने आया है।

कश्यप प्रजापति ने क्या कहा

टीम के खिलाड़ी कश्यप प्रजापति ने बताया कि, "यह पूरा मामला उनकी जिंदगी को बहुत उलझा चुका है। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिए गए, टीम से बाहर कर दिया गया और हालात ऐसे बन गए कि देश छोड़ना पड़ा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आईसीसी खिलाड़ियों की मेहनत से कमाई गई इनामी राशि दिलाने में नाकाम क्यों रही और आखिर खिलाड़ियों के लिए अपनी बात रखने का कोई सुरक्षित मंच क्यों नहीं है।" ओमान क्रिकेट टीम के कप्तान कश्यप प्रजापति ने देश छोड़ दिया है और अब अमेरिका में नौकरी की तलाश कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें यह फैसला वेतन न मिलने और आर्थिक परेशानियों के चलते लेना पड़ा।

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