Suryakumar Yadav: 'टीम के लिए खतरनाक हो...' सुपर-8 मुकाबले से पहले कप्तान सूर्या की बल्लेबाजी पर संजय मांजरेकर ने उठाए सवाल

T20 World Cup: टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में आज सुपर-8 का मुकाबला भारत और साउथ अफ्रीका के बीच अहमदाबाद में खेला जाएगा। वहीं इस मुकाबले से पहले पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर कप्तान सूर्यकुमार यादव की एक रणनीति पर सवाल उठाए हैं

अपडेटेड Feb 22, 2026 पर 3:31 PM
Story continues below Advertisement
टूर्नामेंट में कप्तान सूर्यकुमार की बल्लेबाजी को लेकर संजय मांजरेकर ने एक वीडियो में अपनी राय रखी है

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने अब तक बेहतरीन खेल दिखाया है और अपने शुरुआती चारों मैच जीत लिए हैं। ग्रुप के मुकाबलों में भारत ने पाकिस्तान, नामीबिया, नीदरलैंड और यूएसए को मात दी है। लगातार चार जीत से टीम का आत्मविश्वास काफी मजबूत नजर आ रहा है। वहीं अब भारतीय टीम अपना सुपर-8 का पहला मुकाबला साउथ अफ्रीका से खेलेगी। ये मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच से पहले पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर कप्तान सूर्यकुमार यादव की एक रणनीति पर सवाल उठाए हैं।

कप्तान को लेकर संजय मांजरेकर ने क्या कहा

टूर्नामेंट में कप्तान सूर्यकुमार की बल्लेबाजी को लेकर संजय मांजरेकर ने एक वीडियो में अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा, “मुझे सूर्यकुमार के खेल में कुछ ऐसा नजर आ रहा है, जो मुझे पूरी तरह सही नहीं लग रहा। वानखेड़े में अमेरिका के खिलाफ जब भारत का स्कोर 77 रन पर 6 विकेट था, तब उन्हें अपना अंदाज बदलना पड़ा। उन्होंने समझदारी दिखाते हुए खेल को थोड़ा संभाला, फिर शानदार पारी खेली, अच्छा स्कोर बनाया और प्लेयर ऑफ द मैच भी बने। लेकिन तब से मुझे लगता है कि वह उसी तरीके को कुछ ज्यादा ही आगे बढ़ा रहे हैं।”


पाकिस्तान के खिलाफ धीमी पारी खेली थी

उन्होंने आगे कहा, “पाकिस्तान के खिलाफ भी, जब टीम ने शुरुआती विकेट गंवाए, तो उन्होंने जिम्मेदारी लेकर अहम रन बनाए। सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा दोनों ही थोड़ा संभलकर बल्लेबाजी कर रहे थे। इसका असर ये होता है कि आखिर में हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे और रिंकू सिंह जैसे बल्लेबाजों का उतना इस्तेमाल नहीं किया जाता। टी20 क्रिकेट में ये तरीका जोखिम भरा हो सकता है, खासकर तब जब कोई सीनियर खिलाड़ी या कप्तान ये सोचकर खेलता है कि उसे अंत तक टिके रहना है, विशेष रूप से जब टीम पहले बल्लेबाज़ी कर रही हो।”

'टीम के लिए खतरनाक हो सकती है'

उन्होंने आगे कहा, “जब टीम 200 से ज्यादा का टारगेट खड़ा करने की सोच रही हो और बड़े स्कोर बना रही हो, तब अगर टॉप चार में से कोई खिलाड़ी यह मान ले कि वही पूरी पारी संभालेगा और टीम को एक तय स्कोर तक ले जाएगा, तो यह सोच खतरनाक साबित हो सकती है। खासकर तब, जब टीम के पास अक्षर पटेल जैसे भरोसेमंद खिलाड़ी नंबर आठ तक मौजूद हों या वॉशिंगटन सुंदर जैसे ऑलराउंडर हों। ऐसे में किसी एक बल्लेबाज को यह नहीं सोचना चाहिए कि पूरी जिम्मेदारी सिर्फ उसी के कंधों पर है।”

'बड़ी टीमों के सामने दबाव में आ सकते हैं'

उन्होंने आगे कहा, “सूर्यकुमार को अपने बाद आने वाले बल्लेबाजों पर भरोसा दिखाना चाहिए और हर गेंद पर ज्यादा से ज्यादा रन लेने की कोशिश करनी चाहिए। जब टीम की बल्लेबाजी इतनी गहरी हो, तो किसी एक खिलाड़ी को यह सोचकर नहीं खेलना चाहिए कि वही पूरी पारी संभालेगा। अगर आप पहले बल्लेबाजी करते हुए जरूरत से ज्यादा संभलकर खेलते हैं, तो हो सकता है कि विकेट हाथ में होने के बावजूद बड़ा स्कोर न बन पाए। ऐसे में मजबूत चेज़ करने वाली टीम के सामने सिर्फ 180 रन बनाकर आप दबाव में आ सकते हैं। इसलिए सूर्या को इस बात का खास ध्यान रखना होगा।”

सूर्यकुमार यादव ने चार मैचों में 136.13 के स्ट्राइक रेट से 162 रन बनाए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने 29 गेंदों में 32 रन बनाए, उस समय भारत का स्कोर 8.4 ओवर में 88 रन पर दो विकेट था और टीम तेजी से 200 से अधिक का स्कोर बनाने की दिशा में बढ़ रही थी। बाद में 34 गेंदों में 38 रन की साझेदारी से रफ्तार धीमी हुई और भारत 20 ओवर में 175/7 तक ही पहुंच सका, जिस पर उनकी बल्लेबाज़ी को लेकर चर्चा शुरू हुई।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।