अबरार अहमद को लेकर काव्या मारन की टीम पर भड़के सुनील गावस्कर, उठाए सवाल

सुनील गावस्कर ने अपने कॉलम में लिखा कि अगर भारतीय फ्रेंचाइजी मालिक पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करते हैं, तो इससे गलत संदेश जाता है और यह उन सैनिकों व नागरिकों के प्रति भी संवेदनहीनता दिखाता है जिन्होंने देश के लिए अपनी जान गंवाई है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या किसी टूर्नामेंट को जीतना भारतीय लोगों की जान से ज्यादा अहम हो सकता है

अपडेटेड Mar 16, 2026 पर 10:33 PM
Story continues below Advertisement
सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी खिलाड़ी अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल किया था।

इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड’ के ऑक्शन में काव्या मारन की टीम सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी खिलाड़ी अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल किया था। इस डील के बाद भारतीय फैंस खासा नाराज हो गए थे और सोशल मीडिया पर काव्या मारन और उनकी IPL फ्रैंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद को ट्रोल करने लगे थे। अब इस विवाद पर दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर का बड़ा बयान सामने आया है। भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने द हंड्रेड 2026 की नीलामी में पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को टीम में शामिल किए जाने के फैसले की कड़ी आलोचना की है।

 सुनील गावस्कर ने जताई नाराजगी

सुनील गावस्कर ने अपने कॉलम में लिखा कि अगर भारतीय फ्रेंचाइजी मालिक पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करते हैं, तो इससे गलत संदेश जाता है और यह उन सैनिकों व नागरिकों के प्रति भी संवेदनहीनता दिखाता है जिन्होंने देश के लिए अपनी जान गंवाई है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या किसी टूर्नामेंट को जीतना भारतीय लोगों की जान से ज्यादा अहम हो सकता है।


गावस्कर ने मालिकों पर उठाए सवाल

सुनील गावस्कर का मानना है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने से जुड़ा मुद्दा सिर्फ खेल का नहीं बल्कि पैसे के लेन-देन से भी जुड़ा है। उनका कहना है कि जब पाकिस्तानी खिलाड़ियों को फीस दी जाती है तो उस पर लगने वाला टैक्स अंततः पाकिस्तान सरकार तक पहुंचता है, और उनकी आशंका है कि उस पैसे का इस्तेमाल हथियार खरीदने जैसे कामों में हो सकता है। गावस्कर के मुताबिक यह बात तब भी लागू होती है, चाहे भुगतान किसी भारतीय कंपनी द्वारा किया जाए या उसकी विदेशी सहयोगी कंपनी के जरिए। उन्होंने यह भी कहा कि द हंड्रेड लीग में भारतीय मालिक द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने पर जो विवाद हुआ है, वह हैरान करने वाला नहीं है, क्योंकि 2008 के मुंबई हमलों के बाद से आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लगभग पूरी तरह से शामिल नहीं किया गया है।

सुनील गावस्कर ने कहा कि द हंड्रेड लीग में टीम के कोच डेनियल विटोरी, जो न्यूज़ीलैंड से हैं, शायद इस पूरे मुद्दे को पूरी तरह न समझ पाए हों और इसी वजह से वह अपनी टीम में कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शामिल करना चाहते हों। लेकिन गावस्कर के अनुसार टीम के मालिकों को इस स्थिति की गंभीरता समझनी चाहिए थी और उन्हें पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदने से इनकार करना चाहिए था। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए एक तीखा सवाल भी उठाया कि क्या ऐसे टूर्नामेंट को जीतना, जिसे दुनिया के बहुत कम देश खेलते हैं, भारतीय लोगों की जान से ज्यादा अहम हो सकता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।