पूर्व पहलवान और मौजूदा कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट को हरियाणा सरकार ने अपनी खेल नीति के तहत तीन ऑप्शन दिए थे कि वह या तो सरकारी नौकर, या जमीन या फिर 4 करोड़ रुपए कैशे प्राइज में से किसी को चुन लें। इसके दो हफ्ते फोगाट ने 4 करोड़ रुपये कैश प्राइज को स्वीकार कर लिया। हरियाणा सरकार ने इस साल 25 मार्च को कैबिनेट की बैठक के दौरान जुलाना से विधायक फोगाट को अपनी खेल नीति के तहत तीन विकल्प देने पर सहमति जताई थी: 4 करोड़ रुपए का नकद पुरस्कार, "ग्रुप ए" की नौकरी, या हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के तहत एक प्लॉट का आवंटन।
इंडियन एक्सप्रेस ने परिवार के एक सदस्य के हवाले से बताया "फोगाट के फैसले के बारे में राज्य खेल विभाग को मंगलवार को एक पत्र भेजा गया था।" हरियाणा सरकार की खेल नीति ओलंपियनों सहित असाधारण खिलाड़ियों को खेल विभाग में डिप्टी डायरेक्टर लेवल का पद देती है।
अखबार से बात करने वाले परिवार के सदस्य के अनुसार, वर्तमान विधायक होने के नाते फोगाट कोई सरकारी पद नहीं चुन पाएंगी। परिवार के सदस्य ने बताया कि इस पैसे से वह अपने परिवार की जरूरतों के अनुसार, जमीन खरीद सकेंगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 25 मार्च को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा था, “क्योंकि विनेश फोगट अब विधायक हैं, इसलिए सरकार ने उनसे पूछने का फैसला किया है कि वह कौन से लाभ लेना चाहेंगी।” सैनी ने कहा कि राज्य सरकार की खेल नीति के अनुसार, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ी इन तीन लाभों के लिए पात्र हैं।
विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। एक्स पर एक पोस्ट में सैनी ने कहा कि वह उस समय की स्थिति के कारण फोगाट के सम्मान को ठेस नहीं पहुंचने देंगे।
दरअसल विनेश ने पेरिस ओलंपिक में 50 Kg के फाइनल में जगह बनाई, लेकिन ज्यादा वजन के कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। अपने मुकाबले के दिन फोगट का वजन 100 ग्राम ज्यादा पाया गया। कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट के सामने ज्वाइंट सिल्वर के लिए फोगट का अनुरोध आखिरकार खारिज कर दिया गया।