India smartphone market Q3 2025: जुलाई से सितंबर 2025 (Q3 2025) के बीच भारतीय स्मार्टफोन बाजार ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी। इस दौरान स्मार्टफोन्स की मांग में खासा उछाल दर्ज किया गया। Counterpoint Research की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश में स्मार्टफोन शिपमेंट्स में सालाना 5% की बढ़ोतरी हुई है। यह अवधि Apple के लिए भी खास रहा, क्योंकि कंपनी पहली बार भारत के टॉप-5 स्मार्टफोन ब्रांड्स की लिस्ट में जगह बनाने में सफल रही।
प्रीमियम स्मार्टफोन की डिमांड में जबरदस्त उछाल
काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब धीरे-धीरे वैल्यू (कीमत) ग्रोथ पर केंद्रित हो रहा है। पहले यह वॉल्यूम (यूनिट की बिक्री) पर केंद्रित था। वैल्यू के लिहाज से भारतीय स्मार्टफोन बाजार में 18% की रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज हुई है, जो कि स्मार्टफोन मार्केट की सबसे अधिक तिमाही वैल्यू के रूप भी दर्ज की गई है। यह अब तक की सबसे ऊंची क्वार्टर वैल्यू मानी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, 30 हजार रुपए से अधिक कीमत वाले प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट के शिपमेंट में सालाना आधार पर 29% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिसने पूरे मार्केट वैल्यू को 18% बढ़ा दिया। जबकि एवरेज सेलिंग प्राइस (ASP) को लेकर 13% की बढ़त दर्ज की गई है।
Apple पहली बार भारत के टॉप-5 ब्रांड्स में शामिल
भारत के स्मार्टफोन मार्केट में Apple की हिस्सेदारी 7% से बढ़कर अब 9% पर पहुंच गई। Apple की iPhone 16 और 15 सीरीज को लेकर मजबूत मांग की वजह से कंपनी 28 प्रतिशत वैल्यू शेयर के साथ प्रीमियम मार्केट को लीड कर रहा है। वहीं, न्यूली लॉन्च्ड iPhone 17 सीरीज को भी अच्छा फायदा मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब Apple का तीसरा सबसे बड़ा iPhone बाजार बन गया है। इसके साथ Apple भारत के टॉप 5 स्मार्टफोन ब्रांड में शामिल हो गया है।
Samsung ने फिर बरकरार रखा दूसरा स्थान
Samsung ने 23% वैल्यू मार्केट शेयर के साथ भारतीय स्मार्टफोन बाजार में अपना दूसरा स्थान बरकरार रखा है। कंपनी के Galaxy S सीरीज और AI-पावर्ड Galaxy A सीरीज स्मार्टफोन्स की मजबूत डिमांड देखने को मिली है। वहीं, हाल ही में लॉन्च किए गए Galaxy Z Fold 7 की शानदार बिक्री ने Samsung को फोल्डेबल स्मार्टफोन सेगमेंट में टॉप पोजिशन पर पहुंचा दिया है।
Counterpoint की रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन यूजर्स अब बेहतर एक्सपीरियंस के लिए प्रीमियम डिवाइस चुन रहे हैं। कम ब्याज दरें, आसान EMI, और पुराने मॉडलों पर मिलने वाले आकर्षक डिस्काउंट्स ने अपग्रेडिंग ट्रेंड को बढ़ाया है।