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केके शैलजा

केके शैलजा

केरल की प्रभावशाली नेता, हेल्थ एक्सपर्ट
केके शैलजा (जन्म: 20 नवंबर 1956) को सम्मान से 'शैलजा टीचर' कहा जाता है। केके शैलजा केरल की एक प्रभावशाली राजनीतिज्ञ, पूर्व शिक्षिका और स्वास्थ्य विशेषज्ञ हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की
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केके शैलजा: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

राजनीति में आने से पहले केके. शैलजा लगभग दो दशकों तक हाई स्कूल में भौतिक विज्ञान की शिक्षिका थीं। उनके इसी पेशेवर अनुभव और सरल व्यक्तित्व के कारण उन्हें पूरे सम्मान के साथ 'शैलजा टीचर' कहा जाता है।
शैलजा टीचर ने 2016 से 2021 के बीच केरल की स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कार्य किया। उनके नेतृत्व में केरल ने निपाह वायरस (2018) और कोविड-19 महामारी के शुरुआती चरण का अत्यंत कुशलता और विज्ञान-आधारित दृष्टिकोण से प्रबंधन किया, जिसकी सराहना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई।
जून 2020 में, संयुक्त राष्ट्र (UN) ने सार्वजनिक सेवा दिवस के अवसर पर केके शैलजा को सम्मानित किया। उन्हें कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए किए गए प्रभावी सामुदायिक प्रबंधन और लोक स्वास्थ्य नीतियों के लिए यह सम्मान दिया गया था।
2021 के विधानसभा चुनावों में केके शैलजा ने मट्टनूर सीट से 60,963 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। यह केरल विधानसभा चुनाव के इतिहास में किसी भी उम्मीदवार द्वारा दर्ज की गई अब तक की सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड है।
शैलजा टीचर का पालन-पोषण एक सक्रिय राजनीतिक परिवार में हुआ। वे अपनी नानी एमके कल्याणी और अपने परिवार के कम्युनिस्ट संघर्षों की कहानियों से गहराई से प्रभावित रहीं। वर्तमान में वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की केंद्रीय समिति की सदस्य हैं।