
मानसून का मौसम भारत की प्राकृतिक खूबसूरती को एक नया रूप देता है। जून से सितंबर के बीच होने वाली बारिश सूखी पहाड़ियों, घने जंगलों और शांत घाटियों को हरे-भरे स्वर्ग में बदल देती है। इसी दौरान देश के झरने भी अपने पूरे वेग और भव्यता के साथ बहने लगते हैं। तेज़ बहते पानी की गूंज, चारों ओर फैली हरियाली, ठंडी हवाएं और बादलों से ढकी पहाड़ियां ऐसा नज़ारा पेश करती हैं, जिसे देखकर हर प्रकृति प्रेमी मंत्रमुग्ध हो जाता है। यदि आप मानसून 2026 में किसी यादगार ट्रिप की प्लानिंग बना रहे हैं, तो भारत के ये 14 शानदार झरने आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए:
मेघालय के प्रमुख झरने
4. वेई सवडोंग फॉल्स -मेघालय
वेई सवडोंग फॉल्स मेघालय के सबसे सुंदर और एडवेंचर से भरे झरनों में से एक है। यह तीन-स्तरीय झरना है, जहां पानी अलग-अलग लेयर में गिरते हुए बेहद शानदार दृश्य बनाता है। इसका फ़िरोज़ी रंग और घने जंगलों के बीच छिपा हुआ स्थान इसे और भी खास बनाता है। यहां पहुंचने के लिए लगभग 20–30 मिनट की खड़ी ट्रेकिंग करनी पड़ती है, जिसमें सीढ़ियां और जंगल का रास्ता शामिल है, इसलिए यह स्थान एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए आदर्श है। मानसून में यहां का दृश्य बेहद आकर्षक होता है, लेकिन बारिश के दौरान रास्ता काफी फिसलन भरा हो जाता है। जुलाई से सितंबर घूमने का अच्छा समय है, जबकि अक्टूबर-नवंबर में पानी का रंग और साफ दिखाई देता है। चेरापूंजी से टैक्सी द्वारा ट्रेकिंग पॉइंट तक पहुंचा जा सकता है। यहां फोटोग्राफी के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है, जब रोशनी पानी के नीले रंग को और उभार देती है।
गोवा और कर्नाटक के प्रमुख झरने
5. दूधसागर फॉल्स -गोवा
दूधसागर फॉल्स पश्चिमी घाट में स्थित भारत के सबसे पॉपुलर और खूबसूरत झरनों में से एक है। लगभग 310 मीटर (1,017 फीट) ऊंचा यह चार-स्तरीय झरना मानसून के दौरान अपने पूरे वेग में होता है और दूर से देखने पर ऐसा लगता है जैसे पहाड़ से दूध की नदी बह रही हो, इसी कारण इसका नाम “दूधसागर” पड़ा। यह झरना भगवान महावीर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी के अंदर स्थित है, जिससे इसका प्राकृतिक वातावरण और भी अधिक समृद्ध हो जाता है। मानसून में यहां का दृश्य बेहद शानदार होता है, लेकिन भारी बारिश के कारण कई बार ट्रेकिंग मार्ग बंद भी कर दिए जाते हैं। यहां पहुंचने के लिए गोवा के डाबोलिम या मनोहर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कुलेम तक पहुंचा जाता है, और फिर जीप सफारी या ट्रेन रूट से झरने का नजारा देखा जाता है। आसपास घना जंगल, रेलवे ब्रिज और पहाड़ों की हरियाली इसे एक एडवेंचर डेस्टिनेशन बनाते हैं।
6. जोग फॉल्स -शरावती नदी पर स्थित
10. थोसेघर फॉल्स -सातारा
13. सूचिपाड़ा (सेंटिनल रॉक) वॉटरफॉल -वायनाड
चित्रकोट फॉल्स छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में इंद्रावती नदी पर स्थित भारत के सबसे चौड़े और सबसे भव्य झरनों में से एक है। इसे अक्सर “भारत का नियाग्रा” भी कहा जाता है क्योंकि मानसून के दौरान इसका फैलाव लगभग 300 मीटर से अधिक तक हो जाता है और पूरा झरना एक विशाल अर्धचंद्राकार रूप में गिरता है, जो देखने में बेहद शक्तिशाली और मनमोहक लगता है। मानसून 2026 में यहां घूमने का सबसे अच्छा समय जुलाई से अक्टूबर के बीच रहेगा, जब जलप्रवाह सबसे अधिक होता है और झरने का पूरा विस्तार देखा जा सकता है। यहां पहुंचने के लिए जगदलपुर सबसे नजदीकी बड़ा शहर है, जहां एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन दोनों सुविधाएं उपलब्ध हैं। जगदलपुर से चित्रकोट फॉल्स लगभग 38–40 किलोमीटर दूर है और सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां व्यू पॉइंट से झरने का पूरा दृश्य देखा जाता है और सूर्यास्त के समय इसका नजारा सबसे अधिक सुंदर लगता है। मानसून में यहां पानी का बहाव बहुत तेज होता है, इसलिए नदी के किनारे जाने या अनधिकृत जगहों पर उतरने से बचना चाहिए।
मानसून में झरनों की ट्रेवलिंग करते समय इन बातों का रखें ध्यान
मानसून 2026 में यदि आप प्रकृति, एडवेंचर और फोटोग्राफी का बेहतरीन अनुभव लेना चाहते हैं, तो ये 14 झरने आपके सफर को यादगार बना सकते हैं। हर झरने की अपनी अलग पहचान, प्राकृतिक सुंदरता और रोमांच है, जो बारिश के मौसम में अपने सबसे खूबसूरत रूप में नजर आते हैं।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।