उत्तराखंड अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। उत्तराखंड की सबसे बड़ी खूबसूरती उसकी वहां की शांत हवा, घने जंगल और खुला आसमान है। यहां पर आने के बाद काफी सुकून मिलता है। अगर आपको बर्ड पंसद है तो ये जगह आपके लिए और खास बन जाती है। बड़े नेशनल पार्कों से लेकर छोटे पहाड़ी गांवों तक, यहां सुबह की शुरुआत पक्षियों की चहचहाहट से होती है। यहां के जंगलों और धुंध भरी पहाड़ियों में 700 से ज्यादा तरह के पक्षी मिलते हैं।
बड़े नेशनल पार्कों से लेकर छोटे पहाड़ी गांवों तक, यहां सुबह की शुरुआत पक्षियों की चहचहाहट से होती है। ये राज्य उन सभी के लिए शानदार जगह है जिन्हें प्रकृति और दुर्लभ पक्षियों को देखने का शौक है। आइए जानते हैं उन जगहों के बारे में
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क भले ही बाघों के लिए जाना जाता है, लेकिन पक्षी देखने वालों के लिए यह जगह किसी खजाने से कम नहीं है। रामगंगा नदी, ऊंचे साल के पेड़ और ढिकाला के खुले मैदान में करीब 550 तरह के पक्षी दिख जाते हैं। यहां पल्लास फिश ईगल को पानी में झपट्टा मारते देखना या ग्रेट हॉर्नबिल को पेड़ों के ऊपर उड़ते देखना बेहद रोमांचक होता है। खासकर सर्दियों में कॉर्बेट एक चलते-फिरते बर्ड गाइड जैसा नजर आता है।
नैनीताल से करीब 15 किलोमीटर दूर पंगोट क्षेत्र में किलबरी बर्ड सेंक्चुरी स्थित है। हिमालयी पक्षियों को देखने के लिए बेहद खास जगह है। यहां ओक के घने जंगलों के बीच हल्की धुंध रहती है और चारों तरफ पक्षियों की मधुर आवाज सुनाई देती है। लगभग 250 से ज्यादा प्रजातियां जैसे हिमालयन ग्रिफॉन और चीयर फीजेंट यहां देखी जा सकती हैं। पंगोट धीरे-धीरे उत्तराखंड की बर्डवॉचिंग हब बन चुका है। कई लॉज में छिपकर देखने वाली खास जगहें भी बनी हैं, जहां बैठकर आप बिना हिले पक्षियों को नजदीक से देख सकते हैं।
नैना देवी हिमालयन बर्ड कंजर्वेशन रिजर्व
नैना देवी हिमालयन बर्ड कंजर्वेशन रिजर्व नैनीताल के आसपास के शांत पहाड़ों और टेम्परेट जंगलों में फैला एक खूबसूरत इलाका है। यहां हिमालयन वुडपेकर, लाफिंग थ्रश जैसे कई हिमालयी पक्षी साल भर आसानी से दिख जाते हैं। आसान रास्ते और शांत माहौल इस जगह को बर्डवॉचिंग के लिए बेहद आरामदायक और सुखद बना देते हैं, खासकर उनके लिए जो नैनीताल के पास प्रकृति का शांत अनुभव लेना चाहते हैं।
बिनसर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी
कुमाऊं की ऊंची पहाड़ियों में बसे बिनसर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में ऐसा लगता है जैसे आप बादलों के ऊपर किसी शांत जंगल में हों। यहां ओक और रोडोडेंड्रोन के घने पेड़ों के बीच 200 से ज्यादा तरह के पक्षी पाए जाते हैं, जिनमें ग्रीन-टेल्ड सनबर्ड और दुर्लभ फोर्कटेल भी शामिल हैं। सैंक्चुअरी का सबसे ऊंचा स्थान जीरो पॉइंट है, जो हिमालय के शानदार नजारे दिखाता है। सुबह के समय यहाँ बर्डवॉचिंग का अनुभव बेहद खास होता है।
राजाजी नेशनल पार्क के बड़े साल के जंगल और नदी किनारे के खूबसूरत इलाके कई तरह की पक्षी प्रजातियों का घर हैं। यहां ग्रेट हॉर्नबिल, क्रेस्टेड सर्पेंट ईगल, बारबेट और किंगफिशर जैसे पक्षी आसानी से दिखाई देते हैं। ये जगह शिवालिक माइग्रेशन कॉरिडोर पर स्थित है, सर्दियों में यह पार्क उन बर्डवॉचर्स के लिए बिल्कुल सही जगह बन जाता है। इसी वजह से यह पार्क उन बर्डवॉचर्स के लिए बेहतरीन जगह है जो आसमान में उड़ते पक्षियों को करीब से देखना पसंद करते हैं।
केदारनाथ वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी
केदारनाथ वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी बहुत बड़े और ऊंचे पहाड़ी इलाके में फैली हुई है। ये जगह हिमालय के सबसे अच्छे बर्ड हैबिटैट में गिनी जाती है। यहां के घने जंगलों में रूफस-बेलीड वुडपेकर, कोक्लास तीतर, हिमालयन ग्रिफॉन और कई दुर्लभ थ्रश और वार्बलर आसानी से मिल जाते हैं। ये जगह थोड़ी कठिन और दूर-दराज जरूर है, लेकिन बर्डवॉचिंग के शौकीनों को बेहद शानदार अनुभव देता है।
देहरादून के पास बना आसन बैराज सर्दियों में पक्षी देखने वालों के लिए एक शानदार जगह बन जाता है। हर साल यहां हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं, जैसे रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, पिंटेल, टफ्टेड डक। आसन को उत्तराखंड की पहली रामसर साइट का दर्जा मिला है, और यहाँ आकर आसानी से समझ आता है कि यह जगह इतनी खास क्यों है।