How to reach Kedarnath Dham: कार, ट्रेन या फ्लाईट; कैसे पहुंचें केदारनाथ मंदिर, ये है सफर का पूरा रूटमैप

Kedarnath Yatra 2026: करीब 11755 फीट की ऊंचाई पर स्थित भगवान शंकर के केदारनाथ मंदिर के दरवाजे खुल चुके हैं। बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं। अगर आप भी वहां जाने की योजना बना रहे हैं लेकिन सड़क, ट्रेन या फ्लाईट में से किसे चुनें और वहां तक कैसे पहुंचे, इसे लेकर उलझन में है तो यहां इन सभी विकल्पों से केदारनाथ मंदिर तक पहुंचने का रूटमैप दिया जा रहा है

अपडेटेड Apr 26, 2026 पर 12:02 PM
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Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ मंदिर के कपाट खुल चुके हैं और इसकी यात्रा शुरू हो चुकी है।

How to reach Kedarnath Dham: केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड में 11,750 फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव का एक पवित्र धाम है। यह चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra) का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर साल हजारों श्रद्धालु और यात्री यहां पहुंचते हैं, जहां तक पहुंचने का सफर भी उतना ही खूबसूरत है जितना कि यह मंदिर। इस मंदिर तक पहुंचने के रास्ते में नदियों, घाटियों और बर्फ से ढकी चोटियों के मनमोहक दृश्यों की भरमार है। चूंकि केदारनाथ मंदिर तक सीधी सड़क नहीं जाती, इसलिए यहां पहुंचने के लिए कई तरीके मिलाकर यात्रा करनी पड़ती है। यहां सड़क, ट्रेन और फ्लाइट के जरिए केदारनाथ पहुंचने के लिए एक सिंपल रूटमैप दिया जा रहा है।

सड़क के जरिए कैसे पहुंचें?

केदारनाथ जाने का सबसे आम औ र खूबसूरत रास्ता सड़क से होकर जाता है। गौरीकुंड तक गाड़ी ले जाई जा सकती है जो मंदिर तक की ट्रेकिंग के लिए बेस का काम करती है। यहां तक पहुंचने के लिए दिल्ली जैसे अहम शहरों से ऋषिकेश या हरिद्वार तक अपनी गाड़ी या बस से जाना होगा। ये दोनों शहर हाईवेज से अच्छी तरह जुड़े हुए हैं। ऋषिकेश से गौरीकुंड जाने वाले रास्ते में देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग और गुप्तकाशी जैसी शानदार जगहें मिलती हैं। चारधाम यात्रा के मौसम में लगातार बसें और शेयरिंग टैक्सियां मिलती रहती हैं। गौरीकुंड पहुंचने के बाद, यहां से मंदिर लगभग 16-18 किमी दूर है, और आगे का सफर पैदल या घोड़े, पालकी या हेलीकॉप्टर के जरिए करनी होती है।

ट्रेन से कैसे पहुंचें?


अगर ट्रेन से जा रहे हैं तो निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश रेलवे स्टेशन और हरिद्वार रेलवे स्टेशन हैं। हरिद्वार देश के प्रमुख शहरों से बेहतर ढंग से जुड़ा हुआ है, जिससे यह कई यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प बन जाता है। हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचने के बाद आगे सड़क के रास्ते जाना होता है। आप टैक्सी किराए पर ले सकते हैं या गौरीकुंड के लिए बस ले सकते हैं।

फ्लाइट से कैसे पहुंचें?

केदारनाथ मंदिर जान का सबसे तेज तरीका फ्लाईट है। यहां से नजदीकी हवाई अड्डा देहरादून के पास स्थित जॉली ग्रांट हवाई अड्डा है। यह हवाई अड्डा दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। देहरादून से गौरीकुंड तक सड़क के रास्ते मौसम और यातायात की स्थिति के आधार पर लगभग 7-8 घंटे में पहुंच सकते हैं। अगर लंबे पैदल सफर से बचना चाहते हैं तो फाटा (Phata), सेर्सी (Sersi) और गुप्तकाशी (Guptkashi) जैसे स्थानों से हेलीकॉप्टर सर्विसेज मिलती हैं। इनसे हिमालय के शानदार नजारे देख सकते हैं और यात्रा भी कम समय में हो जाती है।

गौरीकुंड से कितना दूर है केदारनाथ मंदिर?

कुल मिलाकर किसी भी तरीके से सफर शुरू करें, गौरीकुंड से केदारनाथ तक का अंतिम चरण ऊबड़-खाबड़ लेकिन खूबसूरत इलाके से होकर गुजरने वाली पैदल यात्रा है। रास्ते में जगह-जगह आराम करने के ठिकाने, मेडिकल सुविधाएं और फूड स्टॉल्स उपलब्ध हैं। आपकी स्पीड के आधार पर यात्रा में 6 से 10 घंटे लग सकते हैं।

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