लंदन छोड़ भारत क्यों आया ये 24 साल का फाउंडर? जवाब सुनकर बदल जाएगी आपकी सोच

विदेश में करियर बनाने के बढ़ते ट्रेंड के बीच स्टार्टअप फाउंडर गौतम चड्ढा का फैसला चर्चा में है। उन्होंने लंदन छोड़कर गुरुग्राम लौटने का कदम उठाया और अपनी कंपनी को भारत से आगे बढ़ाने का फैसला किया। उनका मानना है कि आज भारत में भी ग्लोबल बिजनेस बनाने के लिए बेहतर अवसर मौजूद हैं

अपडेटेड Jul 27, 2026 पर 2:55 PM
गौतम के विचारों को सोशल मीडिया पर काफी समर्थन मिला।

आज के समय में विदेश जाकर करियर बनाने का सपना लाखों युवाओं के मन में होता है। लंदन, न्यूयॉर्क और सैन फ्रांसिस्को जैसे शहरों को अक्सर बेहतर अवसरों और सफलता का केंद्र माना जाता है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो विदेश की चमक-दमक छोड़कर अपने देश में नई संभावनाएं तलाशने का फैसला करते हैं। स्टार्टअप फाउंडर गौतम चड्ढा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उन्होंने अपनी कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए लंदन से भारत लौटने का कदम उठाया।

जहां कई लोग विदेश जाने को सफलता की सीढ़ी मानते हैं, वहीं गौतम का मानना है कि आज भारत में भी वैश्विक स्तर की कंपनियां बनाने के लिए जरूरी माहौल और अवसर मौजूद हैं। उनका यह फैसला अब चर्चा का विषय बन गया है और यह सोचने पर मजबूर करता है कि सफलता के लिए जगह से ज्यादा विजन कितना मायने रखता है।

'आज भी लोग पूछते हैं- वापस भारत क्यों आए?'


गौतम चड्ढा ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में बताया कि गुरुग्राम शिफ्ट हुए उन्हें एक साल पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज भी कई लोग, यहां तक कि उनके परिवार के कुछ सदस्य भी, यह समझ नहीं पाते कि उन्होंने लंदन छोड़कर भारत लौटने का फैसला क्यों लिया। उनके मुताबिक, उनकी उम्र के ज्यादातर लोग लंदन, न्यूयॉर्क या सैन फ्रांसिस्को जैसे शहरों में बसने का सपना देखते हैं, जबकि उन्होंने ठीक इसके उलट फैसला किया।

'बड़ी कंपनी बनाने के लिए विदेश जाना जरूरी नहीं'

गौतम का मानना है कि आज के दौर में वैश्विक स्तर की कंपनी बनाने के लिए पश्चिमी देशों में रहना जरूरी नहीं रह गया है। उनके अनुसार, अगर किसी के पास बड़ा विजन और सही रणनीति है, तो भारत में रहते हुए भी विश्व स्तर का बिजनेस खड़ा किया जा सकता है।

भारत में हैं सफल स्टार्टअप के लिए जरूरी सभी संसाधन

उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले तक टेक कंपनियों को बेहतरीन इंजीनियरिंग टैलेंट के लिए सिलिकॉन वैली पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब तकनीक और डिजिटल टूल्स ने काम करने का तरीका बदल दिया है। गौतम का कहना है कि भारत में आज प्रतिभा, बाजार, संसाधन और अवसर सफल स्टार्टअप के लिए जरूरी लगभग हर चीज मौजूद है।

सिर्फ खास टेक कंपनियों को ही विदेश की जरूरत

उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई कंपनी अत्याधुनिक या फ्रंटियर टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है, तभी सिलिकॉन वैली जैसे इकोसिस्टम का फायदा मिल सकता है। लेकिन ज्यादातर स्टार्टअप्स के लिए भारत ही बेहतर विकल्प बन चुका है।

'भारत में रहकर भी बनाया जा सकता है ग्लोबल बिजनेस'

वीडियो के अंत में गौतम ने सवाल उठाया कि आखिर लोग अब भी क्यों मानते हैं कि प्रभावशाली और वैश्विक स्तर का बिजनेस बनाने के लिए पश्चिमी देशों में रहना जरूरी है। उनका मानना है कि भारत में रहते हुए भी दुनिया भर के ग्राहकों तक पहुंचना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने किया समर्थन

गौतम के विचारों को सोशल मीडिया पर काफी समर्थन मिला। कई यूजर्स ने लिखा कि भारत तेजी से हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और अब यहां अवसरों की कोई कमी नहीं है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि भारतीय युवाओं के मन में विदेश जाने का सपना इतना गहराई से बैठ गया है कि वे अपने ही देश में मौजूद संभावनाओं को नजरअंदाज कर देते हैं।

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