मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी कस्बे का शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल इन दिनों पढ़ाई का नहीं, बल्कि खौफ का केंद्र बन गया है। स्कूल परिसर में पिछले कुछ दिनों से एक ऐसी स्थिति पैदा हो गई है, जिसने छात्राओं और शिक्षकों की दिनचर्या को ही बदलकर रख दिया है। अब किताबों से ज्यादा ध्यान फर्श पर रहता है, और क्लासरूम की बजाय बरामदों में पढ़ाई हो रही है। हर दिन स्कूल आना एक डर के साथ जुड़ गया है। माहौल ऐसा बन गया है कि पढ़ाई से पहले सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
बंद हो चुके हैं क्लासरूम, पढ़ाई बरामदों में
स्कूल प्रबंधन को मजबूरी में पांच क्लासरूम पूरी तरह बंद करने पड़े हैं। जिन कमरों में सांप दिखे थे, वहां अब मरम्मत का काम चल रहा है। फर्श को खुदवाकर फिर से सीमेंट किया जा रहा है ताकि सांपों के छिपने के रास्ते बंद किए जा सकें। पढ़ाई फिलहाल बरामदों में हो रही है, लेकिन गर्मी और बारिश के चलते ये इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।
सर्प मित्रों की रोजाना ड्यूटी
स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि अब हर दो-तीन दिन में सांप पकड़ने वाले ‘सर्प मित्र’ स्कूल में बुलाए जा रहे हैं। स्कूल के चारों ओर झाड़ियों की सफाई और कीटनाशकों का छिड़काव भी किया गया, फिर भी सांपों का आना थमा नहीं है। लगातार जहरीले सांपों के दिखने से छात्रों के अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है।
स्कूल का हर कोना अब छात्रों को डराने लगा है। क्लास की जगह अब फर्श पर नजर रखना जरूरी हो गया है। जहां एक तरफ शिक्षा का मंदिर बच्चों को ज्ञान देने का केंद्र होता है, वहीं यहां जान बचाने की जद्दोजहद बन चुकी है। स्कूल प्रशासन और स्थानीय अधिकारी समस्या को हल करने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन तब तक डर का ये सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा।