24 दिन में निकले 85 सांप, गुरुग्राम में सांपों का कहर! बरसात में आप भी रहें सावधान

Snake News: जैसे ही भारी बारिश सापों के ठिकानों को डूबा देती है, जैसे बिल, पेड़ों के अंदर की दरार और दीवारों की दरारें, ये सांप धूप-सूखे रास्ते की तलाश में निकल पड़ते हैं। इस दौरान वे गलती से आपके घर, गमलों, स्टोर रूम जैसी जगहों और यहां तक कि गाड़ियों के अंदर भी घुस सकते हैं

अपडेटेड Jul 26, 2025 पर 3:41 PM
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24 दिन में निकले 85 सांप, गुरुग्राम में सांपों का कहर! बरसात में आप भी रहें सावधान

मानसून की बरसात के साथ ही हरियाणा के गुरुग्राम में सांपों की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। इस शहर में अब तक इस महीने 85 सांप घरों, बिल्डिंगों और खुली जगहों से निकाले जा चुके हैं, जो जून के 55 मामलों की तुलना में बहुत बड़ी संख्या है। खासतौर पर पालम विहार और द्वारका एक्सप्रेसवे इलाकों में सांप निकलने की घटनाएं सबसे ज्यादा है। इन बेहद खतरनाक जीवों में स्पेक्टिकल कोबरा, कॉमन करैत, रैट स्नेक और कॉमन वुल्फ स्नेक जैसे विषैले सांप शामिल हैं।

जैसे ही भारी बारिश इनके ठिकानों को डूबा देती है, जैसे बिल, पेड़ों के अंदर की दरार और दीवारों की दरारें, ये सांप धूप-सूखे रास्ते की तलाश में निकल पड़ते हैं। इस दौरान वे गलती से आपके घर, गमलों, स्टोर रूम जैसी जगहों और यहां तक कि गाड़ियों के अंदर भी घुस सकते हैं। मानसून के मौसम में मेंढक, चूहे और कीड़े जो इनके शिकार हैं, वे ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं, इसलिए सांप भी ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं।

वाइल्डलाइफ विभाग के अधिकारी आरके जांगड़ा कहते हैं, "सांप लड़ने के लिए नहीं, बल्कि अपने जीवन की रक्षा के लिए घरों में आते हैं। ये अपना प्रजनन काल शुरू कर रहे हैं और सर्दियों के लिए सुरक्षित जगह की तलाश में हैं।"


यह चेतावनी किसी सामान्य खबर की तरह नहीं है। कम से कम छह सांप कांटने के मामलों की रिपोर्ट भी इस महीने मिली है। इससे एकमात्र बचाव का उपाय यही है कि किसी भी सांप को मारने की बजाय तुरंत एक्सपर्ट से संपर्क करें। इसके लिए वाइल्डलाइफ हेल्पलाइन भी उपलब्ध है।

स्वास्थ्य विभाग ने भी नया प्रोटोकॉल जारी किया है, ताकि सांप के काटने के मामलों में तुरंत और प्रभावी इलाज हो सके। डाक्टरों को मरीज की सांस, चलन, नाड़ी और जहर के असर का तुरंत आकलन करना होगा, ताकि समय रहते बचाव हो सके।

गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे तेजी से बन रहे इलाकों में जहां पहले खेत हुआ करते थे, अब भारी कंस्ट्रक्शन की वजह से सांपों नेचुरल शेल्टर खत्म हो रहे हैं। यहां के निवासी खासकर सावधानी बरतें, जूते पहनने से पहले, कपड़ों और बिस्तरों को ध्यान से चेक करें और खुले कूड़े-करकट और चूहे भगाएं क्योंकि वे सांपों को आकर्षित करते हैं।

वाइल्डलाइफ रिस्कयूवर अनिल गांदस कहते हैं, "सांप हमला करने नहीं आते, बल्कि सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में होते हैं। लेकिन इस भीड़-भाड़ और बारिश में इंसानों की मुलाकात उनसे बढ़ गई है। यह भयानक सच है कि अगर किसी विषैले सांप ने काट लिया, तो हालात एक घंटे के अंदर जानलेवा हो सकते हैं।"

इस मानसून, अपने और अपने परिवार की सुरक्षा का जिम्मा उठाएं, डरें नहीं, सतर्क रहें और जब भी सांप दिखे, तुरंत विशेषज्ञों की मदद लें। सांपों से दूरी बनाएं और अपने घरों को सुरक्षित बनाएं।

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