10,000 रुपये का एक आम... इस UPSC स्टुडेंट की खुल गई लॉटरी, जानें क्या है इसमें खास

सुमनबाई गायकवाड़ ने दुनिया के सबसे महंगे आम के सिर्फ दस पौधे लगाए और अब उनका छोटा सा खेत पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बन गया है। यह अब उनके लिए बड़े मुनाफे का रास्ता खोल सकते हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उनको यह आईडिया आया था

अपडेटेड Mar 23, 2025 पर 5:07 PM
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यह खेती उनके लिए बड़े मुनाफे का जरिया बन सकती है

दुनिया का सबसे महंगा आम अब कमाई का नया जरिया बन रहा है। मियाजाकी आम जिसकी कीमत हजारों में हो सकती है, भारत में भी काफी लोकप्रिय हो रहा है। कुछ किसानों ने इसकी खेती शुरू कर दी है और इसका बाजार तेजी से बढ़ रहा है। तेलंगाना के भोकर तालुका के भोसी गांव की किसान सुमनबाई गायकवाड़ को भी कोविड-19 महामारी के दौरान एक ऐसा आईडिया आया जिसने उनकी किस्मत बदल दी। सुमनबाई गायकवाड़ ने दुनिया के सबसे महंगे आम के सिर्फ दस पौधे लगाए और अब उनका छोटा सा खेत पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बन गया है। यह खेती उनके लिए बड़े मुनाफे का जरिया बन गया है।

17 मार्च को जिला कृषि और अनाज महोत्सव 2025 में सुमनबाई गायकवाड़ अपने खास मियाजाकी आमों की टोकरी लेकर पहुंचीं। इन चमकदार लाल और स्वादिष्ट आमों ने सबका ध्यान खींच लिया। यह विदेशी आम अपनी खासियत के कारण बाजार में एक-एक करके ₹10,000 तक बिक सकते हैं।

कैसे हुई शुरुआत


सुमनबाई गायकवाड़ की इस अनोखी यात्रा की शुरुआत उनके बेटे नंदकिशोर गायकवाड़ से हुई। वह यूपीएससी की तैयारी कर रहा था, लेकिन कोविड-19 लॉकडाउन के कारण उसे घर लौटना पड़ा। इसी दौरान उनके बेटे को ऑनलाइन मियाजाकी आम की किस्म के बारे में पता चला। इसके बाद नंदकिशोर ने मियाजाकी आम की खेती करने का फैसला किया और फिलीपींस से 10 पौधे मंगवाए, जिनकी कीमत प्रति पौधा 6,500 रुपये थी।

नंदकिशोर ने अपनी मियाजाकी आम की फसल की सही कीमत तय करने के लिए परभणी के एक अनुभवी किसान से भी सलाह ली, जिन्होंने हर आम की कीमत 10,000 रुपये बताई। इस चर्चा के बाद से स्थानीय किसानों की भी दिलचस्पी बढ़ गई है और वे अब इस खास आम की खेती पर ध्यान दे रहे हैं।

मियाजाकी की खासियत

मियाजाकी आम पोषण से भरपूर होते हैं। इनमें बीटा-कैरोटीन, फोलिक एसिड, विटामिन सी और विटामिन ए होता है, जो सेहत के लिए फायदेमंद हैं। ये इम्यूनिटी बढ़ाने और त्वचा के लिए अच्छे माने जाते हैं। इनमें मिठास तो होती है, लेकिन शुगर बैलेंस रहता है, जिससे ये तुरंत एनर्जी देने वाले फल बन जाते हैं।

सुमनबाई के बेटे का यह छोटा सा प्रयोग अब एक सफल बिजनेस बन चुका है। यह दिखाता है कि नए आइडियाज अगर सही तरीके से अपनाए जाएं, तो बड़ी सफलता दिला सकते हैं। ईटीवी भारत की रिपोर्ट के मुताबिक, दो साल पहले लगाए गए इन पौधों पर अब तक 11-12 आम आ चुके हैं।

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