आगरा के ताजमहल में हुई एक घटना ने पर्यटकों की सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दक्षिण कोरिया से आई एक महिला पर्यटक अचानक हुए बंदर के हमले में घायल हो गई। घटना के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि मदद के लिए बुलाए जाने के बावजूद एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंच सकी। आखिरकार महिला को दूसरे साधन से अस्पताल ले जाना पड़ा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद ताजमहल परिसर में बंदरों के बढ़ते आतंक और मेडिकल सुविधाओं की तैयारियों को लेकर बहस तेज हो गई है। अब इस मामले में संबंधित विभागों से जवाब मांगा जा रहा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही जा रही है।
पति का इंतजार कर रही थी महिला
जानकारी के मुताबिक, किम मिह्ये अपने पति के साथ ताजमहल देखने आई थीं। दोनों ने ऑनलाइन टिकट बुक किए थे और पूर्वी गेट पर विदेशी पर्यटकों को मिलने वाले शू कवर और पानी की बोतल लेने पहुंचे थे। इसी दौरान उनका पति सामान लेने अंदर गया, जबकि किम बाहर इंतजार कर रही थीं। तभी एक बंदर ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उनकी कोहनी पर काट लिया, जिससे काफी खून बहने लगा।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला अपने घायल हाथ को पकड़कर दर्द में नजर आ रही है, जबकि आसपास मौजूद लोग उन्हें प्राथमिक उपचार केंद्र की ओर ले जाते दिखाई दे रहे हैं।
एम्बुलेंस नहीं पहुंची, ई-रिक्शा से भेजना पड़ा अस्पताल
घटना के तुरंत बाद CISF जवानों ने एम्बुलेंस बुलवाई और महिला को ताजमहल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार एम्बुलेंस करीब एक घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची। आखिरकार महिला को बैटरी चालित ई-रिक्शा से एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज कराया गया।
ASI ने माना- एम्बुलेंस आने में हुई देरी
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधिकारियों ने भी माना कि एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंच सकी।ASI ने इस मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए आगरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को रिपोर्ट भेजी है और एम्बुलेंस चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पहले भी दी गई थी बंदरों की चेतावनी
इस घटना के बाद ताजमहल परिसर में बढ़ते बंदरों के आतंक का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। ASI अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने करीब एक महीने पहले आगरा नगर निगम को पत्र लिखकर ताजमहल परिसर और आसपास बढ़ रहे बंदरों व आवारा जानवरों को हटाने की मांग की थी, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हालांकि, ASI के मुताबिक अब तक इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। ताजा घटना के बाद एक बार फिर ताजमहल आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीव नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।