IIT में एडमिशन नहीं मिला तो छात्र ने कर दी वेबसाइट हैक, अब मिल सकता है अपनी काबिलियत दिखाने का मौका

IIT कानपुर में साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम में एडमिशन नहीं मिलने के बाद एक छात्र का मामला सुर्खियों में आ गया है। छात्र ने कथित तौर पर IIT कानपुर और IIT मद्रास की वेबसाइट हैक कर अपनी तकनीकी क्षमता दिखाने की कोशिश की। अब संस्थान उसकी स्किल जांचकर आगे मौका देने पर विचार कर रहा है

अपडेटेड Jul 29, 2026 पर 12:17 PM
IIT कानपुर ने शुरुआत में छात्र के खिलाफ FIR दर्ज कराने पर विचार किया था।

IIT कानपुर में साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम में दाखिला न मिलने के बाद एक छात्र का मामला चर्चा में आ गया है। छात्र ने कथित तौर पर IIT कानपुर और IIT मद्रास की वेबसाइट तक पहुंच बनाकर अपनी तकनीकी क्षमता दिखाने की कोशिश की। उसका कहना है कि उसका मकसद किसी सिस्टम को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि अपनी साइबर सिक्योरिटी स्किल साबित करना था। इस घटना के बाद जहां एक ओर हैकिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर IIT कानपुर छात्र की प्रतिभा को परखने और उसे सही दिशा देने पर विचार कर रहा है।

संस्थान अब कानूनी कार्रवाई से पहले उसकी तकनीकी योग्यता की जांच करने की तैयारी में है। ये मामला साइबर टैलेंट, सुरक्षा और युवाओं को मौके देने को लेकर नई बहस शुरू कर चुका है। वेबसाइट पर उसने संदेश छोड़ा—"Site is hacked. All I need is just a fair chance." यानी उसे सिर्फ एक निष्पक्ष मौका चाहिए था।

छात्र का दावा


मामला सामने आने के बाद छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Reddit पर कथित हैकिंग के स्क्रीनशॉट साझा किए। उसने दावा किया कि उसका उद्देश्य किसी सिस्टम को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि अपनी साइबर सिक्योरिटी स्किल्स साबित करना था। छात्र के मुताबिक, उसने एडमिशन के लिए आवेदन किया, फीस जमा की, जरूरी दस्तावेज अपलोड किए और अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट्स की जानकारी भी दी थी।

हैकाथॉन में मौका नहीं मिलने से था नाराज

छात्र ने बताया कि सभी प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद उसका चयन नहीं हुआ। साथ ही, वह एडमिशन प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैकाथॉन में भी शामिल नहीं हो सका। इसी के बाद उसने अपनी तकनीकी क्षमता दिखाने के लिए वेबसाइट में सेंध लगाने का दावा किया।

IIT कानपुर अब जांचेगा छात्र की काबिलियत

PTI की रिपोर्ट के अनुसार,  IIT कानपुर के डायरेक्टर मणिंद्र अग्रवाल ने बताया कि छात्र को इस सत्र में एडमिशन देना संभव नहीं है क्योंकि प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि, संस्थान अब उसे बुलाकर एक विशेष टेस्ट के जरिए उसकी तकनीकी क्षमता जांचने पर विचार कर रहा है। अगर छात्र अपनी योग्यता साबित करता है, तो अगले एडमिशन चक्र में उसे मौका दिया जा सकता है।

वेबसाइट के कुछ हिस्सों तक पहुंच की पुष्टि

IIT कानपुर के निदेशक ने बताया कि छात्र ने IIT कानपुर और IIT मद्रास की आधिकारिक वेबसाइट के कुछ हिस्सों तक पहुंच बनाई थी। उन्होंने कहा कि फैकल्टी सदस्य और इंजीनियर छात्र से बातचीत करेंगे और उसे समझाएंगे कि बिना अनुमति किसी भी कंप्यूटर सिस्टम में प्रवेश करना कानून के खिलाफ है।

FIR दर्ज करने का था विचार, फिर बदला फैसला

IIT कानपुर ने शुरुआत में छात्र के खिलाफ FIR दर्ज कराने पर विचार किया था। लेकिन बाद में संस्थान ने पहले उसके दावों और तकनीकी क्षमता की जांच करने का फैसला लिया। अधिकारी के मुताबिक, IIT कानपुर साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहित करता रहा है।

पहले भी साइबर टैलेंट को मिला है मौका

इससे पहले IIT कानपुर ने एक ऐसे युवा को अपने C3iHub में काम करने का अवसर दिया था, जिसने CBSE के ऑनलाइन स्क्रीन-मार्किंग पोर्टल में सुरक्षा खामियों का पता लगाया था। अब इस छात्र का मामला भी चर्चा में है, जहां एक ओर अनधिकृत हैकिंग को लेकर सवाल हैं, वहीं दूसरी ओर उसकी साइबर स्किल्स को सही दिशा देने की संभावना भी दिखाई दे रही है।

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