Get App

क्या प्लेन का टॉयलेट फ्लश करते ही नीचे गिरता है कचरा? सच जानकर चौंक जाएंगे आप

विमान में फ्लश करने के बाद गंदगी आखिर जाती कहां है? क्या वह हजारों फीट ऊपर से नीचे गिरती है? अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो जवाब चौंकाने वाला है। प्लेन का टॉयलेट घर के टॉयलेट से बिल्कुल अलग तरीके से काम करता है। इसके पीछे एक खास वैक्यूम सिस्टम होता है

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Aug 11, 2026 पर 2:13 PM
क्या प्लेन का टॉयलेट फ्लश करते ही नीचे गिरता है कचरा? सच जानकर चौंक जाएंगे आप
विमान के एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद असली ‘सफाई का काम’ शुरू होता है।

हवाई जहाज में सफर करते वक्त टॉयलेट का इस्तेमाल तो हम आसानी से कर लेते हैं, लेकिन शायद ही कभी यह सोचते हैं कि फ्लश करने के बाद आखिर सारा कचरा जाता कहां है। जमीन पर घर के टॉयलेट में फ्लश करने पर पानी और गंदगी पाइपलाइन के जरिए सीवेज सिस्टम तक पहुंचती है, लेकिन विमान में कहानी बिल्कुल अलग है। हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ते विमान में न तो सामान्य सीवर लाइन होती है और न ही कचरे को बाहर फेंकने का कोई तरीका। फिर भी हर फ्लश के बाद टॉयलेट कुछ ही सेकंड में साफ हो जाता है। इसके पीछे एक खास तकनीक काम करती है, जो बहुत कम पानी में तेज सक्शन के जरिए कचरे को खींच लेती है। लेकिन यह गंदगी आखिर विमान के किस हिस्से में जमा होती है और जमीन पर उतरने के बाद उसे कैसे निकाला जाता है? यही पूरा सिस्टम काफी दिलचस्प है।

फ्लश दबाते ही आती है तेज ‘वूश’ आवाज

अगर आपने प्लेन के टॉयलेट में फ्लश किया है, तो आपने जरूर महसूस किया होगा कि उसकी आवाज घर के टॉयलेट से काफी ज्यादा तेज होती है। इसकी वजह है वैक्यूम फ्लशिंग सिस्टम। बटन दबाते ही एक शक्तिशाली सक्शन सक्रिय होता है, जो कचरे को तेजी से पाइप के अंदर खींच लेता है। यही तेज दबाव वाली हवा और सक्शन वह खास ‘वूश’ आवाज पैदा करते हैं, जो विमान के टॉयलेट की पहचान बन चुकी है।

पानी कम, लेकिन सक्शन का काम ज्यादा

सब समाचार

+ और भी पढ़ें