अमेजन के रहस्यमयी और घने जंगलों ने वैज्ञानिकों के सामने एक और अनूठा वैज्ञानिक चमत्कार पेश किया है। ब्राजील और दूसरे देशों के रिसर्चर्स ने पश्चिमी अमेजन के बाढ़ प्रभावित जंगलों में मेंढक की एक पूरी तरह से नई और अनाम प्रजाति की खोज की है। इस मेंढक की प्रजाति का नाम एडेनोमेरा वारसेना (Adenomera varcena) रखा गया है। इसे ब्राजील के पश्चिमी एक्रे राज्य में अपर जुरुआ नदी क्षेत्र में क्रुजेरो डो सुल के पास स्थित मोआ और क्रोआ नदियों के नजदीकी वन क्षेत्रों से खोजा गया है।
इससे जुड़ी स्टडी फेमस वैज्ञानिक पत्रिका इथियोलॉजी एंड हर्पेटोलॉजी में प्रकाशित हुई है। इस रिसर्च में फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ मिनस गेरैस, साओ पाउलो स्टेट यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ साओ पाउलो, फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ उबेरलैंडिया और पोंटिफिकल कैथोलिक यूनिवर्सिटी ऑफ इक्वाडोर के वैज्ञानिक शामिल थे।
डीएनए और अलग आवाज से हुई नए मेंढक की पहचान
वैज्ञानिकों ने एडेनोमेरा वारसेना को एक अलग और नई प्रजाति के रूप में साबित करने के लिए कई सबूतों का इस्तेमाल किया। इसके लिए रिसर्चर्स ने मेंढक की डीएनए एनालिसिस, उसके नर मेंढक की मेटिंग कॉल की रिकॉर्डिंग, उसके शारीरिक लक्षणों, नेचुरल हैबिटैट से जुड़ी जानकारियों और वैज्ञानिक संग्रहालयों में संरक्षित अन्य नमूनों के साथ कंपरैटिव स्टडी की। शारीरिक बनावट के मामले में यह मेंढक अपनी दूसरी संबंधित प्रजातियों से काफी अलग है। इसकी सबसे प्रमुख शारीरिक विशेषता इसके फोरआर्म के निचले हिस्से पर काले धब्बे का न होना है। इसकी मेटिंग कॉल भी बहुत खास है। यह काफी स्लो साउंड जैसी है।
यह खोज इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि एडेनोमेरा समूह के मेंढक बाहरी रूप से देखने में बिल्कुल एक जैसे नजर आते हैं। इस तरह के छिपे हुए अंतरों को क्रिप्टिक बायोडाइवर्सिटी कहा जाता है, जहां बाहर से एक समान दिखने वाले जीव आनुवंशिक और जैविक रूप से पूरी तरह से अलग प्रजातियां होते हैं।
पहली बार अमेजन के जलमग्न क्षेत्र में मिली यह अनोखी प्रजाति
इस नई प्रजाति का नाम वारसेना अमेजन के बाढ़ वाले जंगलों से ही लिया गया है। इन जंगलों को स्थानीय भाषा में वारजिया (várzea) कहा जाता है। वारजिया अमेजन के ऐसे वन क्षेत्र होते हैं जो समय-समय पर पानी में पूरी तरह से डूब जाते हैं। रिसर्चर्स के मुताबिक एडेनोमेरा समूह में यह पहली ऐसी ज्ञात प्रजाति है जो इस प्रकार के जलमग्न या बाढ़ प्रभावित आवास से जुड़ी पाई गई है। आमतौर पर इस समूह की प्रजातियां सिर्फ टेरा फर्मा यानी सूखी जमीन वाले वनों में ही पाई जाती हैं।
जलवायु परिवर्तन और प्रजातियों के लुप्त होने का खतरा: वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी
इस महत्वपूर्ण खोज के साथ ही वैज्ञानिकों ने पर्यावरण में आ रहे तेजी से बदलावों के प्रति एक गंभीर चेतावनी भी जारी की है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अमेजन की जैव विविधता को औपचारिक रूप से लिस्टेड करने से पहले ही पर्यावरण में आ रहे बदलाव कई ऐसी प्रजातियों को नष्ट कर सकते हैं जिन्हें अभी विज्ञान द्वारा पहचाना भी नहीं गया है।
यूएफएमजी के प्रोफेसर और 'सेंटर फॉर रिसर्च ऑन बायोडाइवर्सिटी डायनेमिक्स एंड क्लाइमेट चेंज' के सदस्य थियागो आर. कारवाल्हो ने बताया कि यह प्रजाति पूरी तरह से जलमग्न जंगलों पर निर्भर है। ऐसे में जलवायु परिवर्तन के कारण मौसमी बाढ़ के पैटर्न में आ रहे बदलावों के प्रति यह प्रजाति अत्यधिक संवेदनशील हो सकती है।