असम के शिवसागर जिले में बाढ़ के बीच इंसानियत की एक भावुक तस्वीर सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है। वायरल वीडियो में एक शख्स अपनी जान जोखिम में डालकर गर्दन तक भरे पानी में उतरता दिखाई दे रहा है। वह एक डरे हुए बछड़े को अपनी बाहों में उठाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की कोशिश करता है। आसपास मौजूद लोग भी उसकी मदद करते नजर आते हैं।
बाढ़ की मुश्किल परिस्थितियों के बीच यह घटना न सिर्फ लोगों की परेशानी को दिखाती है, बल्कि जानवरों के प्रति संवेदना और मदद की भावना की मिसाल भी पेश करती है। इस वीडियो को देखकर कई लोग भावुक हो गए हैं और शख्स के साहस की तारीफ कर रहे हैं।
बांस के सहारे बचाई गई जान
वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ ग्रामीण उस व्यक्ति की मदद के लिए बांस की छड़ी आगे बढ़ाते हैं, ताकि वह पानी में संतुलन बनाए रख सके। काफी मशक्कत के बाद वह बछड़े को लेकर सुरक्षित ऊंची जगह तक पहुंचने में कामयाब हो जाता है। यह दृश्य जहां लोगों को भावुक कर रहा है, वहीं असम में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मुश्किलों को भी दिखाता है।
असम के शिवसागर समेत चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, सोनितपुर और कामरूप मेट्रोपॉलिटन जैसे जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में हालात गंभीर बने हुए हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है।
75 लोगों की मौत, लाखों लोग प्रभावित
अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को सात और लोगों की मौत के बाद असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। हालांकि, प्रभावित लोगों की संख्या घटकर करीब 3.32 लाख रह गई है। बाढ़ के कारण 622 गांव प्रभावित हुए हैं। सेना, वायुसेना, NDRF, SDRF, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस और स्थानीय स्वयंसेवक राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।
हजारों हेक्टेयर फसल पानी में डूबी
बाढ़ से करीब 45,341.98 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। इसके अलावा कई जगहों पर घरों, पशु शेड, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को भी नुकसान पहुंचा है।
सरकार ने जारी किया राहत पैकेज
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत और पुनर्वास पैकेज की घोषणा की है। इसमें आर्थिक मदद, मुआवजा, शिक्षा सहायता और संपत्ति नुकसान की भरपाई शामिल है। बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को ₹4 लाख की सरकारी सहायता दी जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त ₹5 लाख की मदद भी दी जाएगी।
प्रभावित परिवारों और छात्रों को मिलेगी सहायता
गंभीर रूप से प्रभावित एक लाख से ज्यादा परिवारों को जरूरी जरूरतें पूरी करने के लिए ₹15,000 की तत्काल आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, बाढ़ प्रभावित जिलों के छात्रों के लिए भी मदद का ऐलान किया गया है। उच्च माध्यमिक छात्रों को ₹1,000, स्नातक छात्रों को ₹3,000 और पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को ₹5,000 की सहायता दी जाएगी। जिन छात्रों के 10वीं और 12वीं के प्रमाणपत्र बाढ़ में खराब हो गए हैं, उन्हें नए दस्तावेज मुफ्त में उपलब्ध कराए जाएंगे। स्कूल छात्रों को किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए भी सहायता दी जाएगी।