गुरुग्राम में Rapido राइड के बाद यात्री और बाइक राइडर के बीच हुआ विवाद अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। वायरल वीडियो में महिला यात्री और राइडर के बीच ड्रॉप लोकेशन को लेकर बहस होती दिखाई दे रही है। महिला का आरोप है कि उसे तय जगह पर नहीं छोड़ा गया, जबकि राइडर का कहना है कि उसने ऐप में दिख रही लोकेशन के अनुसार ही ट्रिप पूरी की। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं में सही लोकेशन पिन, यात्री की सुविधा और राइडर की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी इस मामले पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं और यह बहस तेज हो गई है कि ऐसी स्थिति में गलती आखिर किसकी मानी जाए।
ड्रॉप पॉइंट को लेकर शुरू हुआ विवाद
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला यात्री राइडर पर आरोप लगाती है कि उसे गलत जगह उतारा गया। महिला का कहना था कि उसकी असली मंजिल परिसर के अंदर थी, लेकिन राइडर उसे बेसमेंट के रास्ते ले जाकर किसी दूसरी जगह छोड़ गया। गुस्से में महिला ने सवाल किया कि जब उसे सही जगह जाना था तो राइडर वहां तक क्यों नहीं पहुंचा।
वहीं Rapido राइडर ने अपनी गलती मानने से इनकार करते हुए कहा कि उसने वही किया जो ऐप में लोकेशन दिखाई गई थी। उसका कहना था कि उसने स्क्रीन पर दिख रहे डेस्टिनेशन के हिसाब से ही यात्री को वहां छोड़ा। राइडर ने सफाई देते हुए कहा कि वह ऐप की बताई हुई लोकेशन को फॉलो कर रहा था और उसी के आधार पर ट्रिप पूरी की।
वीडियो बनाने वाला शख्स भी बहस में कूदा
इस दौरान एक अन्य व्यक्ति वीडियो रिकॉर्ड करता हुआ नजर आया, जिसने बीच में आकर महिला से किराया देने के लिए कहा। उसकी बार-बार दखलअंदाजी से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। महिला ने उसे बीच में बोलने से रोकने की कोशिश की, लेकिन बहस लगातार बढ़ती चली गई।
आखिर में महिला ने किया पेमेंट
काफी देर तक चली बहस के बाद महिला ने अपना फोन निकाला और Rapido राइडर के QR कोड को स्कैन कर किराया चुका दिया। हालांकि, पेमेंट करने के बाद भी उसने राइडर और वीडियो बना रहे व्यक्ति से अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद महिला वहां से चली गई, लेकिन यह मामला सोशल मीडिया पर ऐप की लोकेशन और राइडर की जिम्मेदारी को लेकर नई बहस छेड़ गया है।
सोशल मीडिया पर लोग दे रहे अलग-अलग राय
वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोग राइडर के पक्ष में नजर आए और बोले कि अगर ऐप में गलत लोकेशन पिन थी तो पूरी जिम्मेदारी राइडर की नहीं हो सकती। वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि राइडर को यात्री से पुष्टि करके ही अंतिम ड्रॉप करना चाहिए था।