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150 की कैब छोड़ ₹12 की बस में बैठा बेंगलुरु का शख्स, याद आईं पुरानी प्यारी यादें और बोला- इस सफर ने वो दिया जो पैसे नहीं दे सकते

बेंगलुरु में कैब और बाइक टैक्सी के लिए दो घंटे इंतजार के बाद एक शख्स ने आखिरकार बस से घर जाने का फैसला किया। सिर्फ ₹12 की इस सवारी ने उसका मूड ही बदल दिया। बस में बैठते ही उसे स्कूल-कॉलेज के दिन, दोस्तों के साथ सफर और खिड़की वाली सीट के लिए होने वाली नोकझोंक याद आ गई

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Aug 12, 2026 पर 11:57 AM
150 की कैब छोड़ ₹12 की बस में बैठा बेंगलुरु का शख्स, याद आईं पुरानी प्यारी यादें और बोला- इस सफर ने वो दिया जो पैसे नहीं दे सकते
Cab Booking में 2 घंटे बर्बाद, फिर Bus में बैठते ही लौट आईं पुरानी यादें

बेंगलुरु में घर लौटने के लिए कैब या बाइक टैक्सी का इंतजार करना एक शख्स को भारी पड़ गया। करीब दो घंटे तक Rapido, ऑटो और कैब बुक करने की कोशिश के बाद भी जब कोई सवारी नहीं मिली, तो उसने आखिरकार बस से जाने का फैसला किया। इसके लिए उसे सिर्फ ₹12 खर्च करने पड़े। लेकिन असली कहानी किराए की नहीं, उस सफर के दौरान लौट आई पुरानी यादों की है। बस में बैठते ही उसे स्कूल और कॉलेज के दिन याद आने लगे दोस्तों के साथ बस स्टॉप पर इंतजार करना, खिड़की वाली सीट के लिए लड़ना और कंडक्टर से छोटी-मोटी बहस तक।

जिस सफर के लिए वह ₹150 तक देने को तैयार था, वही ₹12 की बस यात्रा उसके लिए सुकून और नॉस्टेल्जिया लेकर आई। सोशल मीडिया पर अब यह अनुभव लोगों को खूब पसंद आ रहा है।

दो घंटे तक Rapido, ऑटो और कैब की तलाश

इंस्टाग्राम पर Pratej नाम के यूजर ने अपना अनुभव शेयर किया। उन्होंने बताया कि घर जाने के लिए वह लगातार Rapido बाइक, ऑटो और कैब बुक करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कोई राइड नहीं मिली। हालात ऐसे हो गए कि वह घर पहुंचने के लिए ₹150 तक देने को तैयार थे। जब काफी देर तक कोई विकल्प काम नहीं आया तो उन्होंने करीब 800 मीटर पैदल चलकर मडिवाला पहुंचने का फैसला किया।

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