बिहार के सिवान से निकलकर 18 साल की श्रेया कौशिक ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। उन्हें दुनिया की प्रतिष्ठित Lincoln Scholarship के लिए चुना गया है, जहां वो इस साल चयनित होने वाली एकमात्र भारतीय छात्रा हैं। करीब 3 करोड़ रुपये की यह स्कॉलरशिप उन्हें अमेरिका के Centre College में चार साल की पढ़ाई के लिए मिलेगी। श्रेया की ये सफलता न सिर्फ उनके परिवार और बिहार के लिए गर्व का पल है,
बल्कि उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा भी है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी कहानी बताती है कि सही मार्गदर्शन, लगन और अवसर मिलने पर छोटे शहरों के युवा भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
क्या है Lincoln Scholarship, जिसे पाना हर छात्र का सपना होता है?
अब्राहम लिंकन के नाम पर दी जाने वाली Lincoln Scholarship दुनिया की चुनिंदा और प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप में शामिल है। ये उन छात्रों को प्रदान की जाती है, जिन्होंने पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ नेतृत्व क्षमता और समाज के प्रति योगदान की भावना दिखाई हो। इस स्कॉलरशिप के तहत छात्रों की चार साल की पूरी शिक्षा का खर्च उठाया जाता है। इसमें ट्यूशन फीस, रहने-खाने का खर्च, किताबें, स्वास्थ्य बीमा, यात्रा और अन्य जरूरी शैक्षणिक खर्च शामिल होते हैं।
सिवान से अमेरिका तक का प्रेरणादायक सफर
श्रेया का जन्म बिहार के सिवान में हुआ। बाद में उन्होंने दिल्ली के Sarvodaya Kanya Vidyalaya, अयानगर से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। महज 13 साल की उम्र में वह Dexterity Global से जुड़ीं, जहां उन्हें नेतृत्व कौशल, शिक्षा और नए अवसरों के लिए मार्गदर्शन मिला। इस दौरान उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और लीडरशिप प्रोग्राम्स में हिस्सा लिया। उनकी मेहनत, प्रतिभा और सामाजिक सोच ने उन्हें इस प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
'यह सम्मान मेरे लिए गर्व का पल है'
श्रेया ने कहा कि अब्राहम लिंकन के नाम से जुड़ी स्कॉलरशिप हासिल करना उनके लिए बेहद सम्मान की बात है। उन्होंने बताया कि मिले मार्गदर्शन और प्रशिक्षण ने उन्हें अपनी परिस्थितियों से आगे बढ़कर बड़े अवसरों को हासिल करने का आत्मविश्वास दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वो अपनी शिक्षा का इस्तेमाल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करना चाहती हैं।
पूरी पढ़ाई का खर्च उठाएगी 3 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप
Lincoln Scholarship के जरिए श्रेया की अमेरिका में चार साल की पढ़ाई का पूरा खर्च कवर होगा। इसमें कॉलेज फीस से लेकर हॉस्टल, भोजन, किताबें, बीमा और यात्रा तक सभी प्रमुख खर्च शामिल हैं। Dexterity Global के संस्थापक और CEO शरद विवेक सागर ने श्रेया की सफलता को प्रतिभाशाली छात्रों के लिए बेहतर मार्गदर्शन और अवसरों की ताकत का उदाहरण बताया। यह उपलब्धि दिखाती है कि सही दिशा और मेहनत के साथ छोटे शहरों से निकलने वाले छात्र भी दुनिया के बड़े मंचों पर अपनी पहचान बना सकते हैं।