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बोर्ड परीक्षा में कम नंबर आने के बाद भी नहीं छोड़ा सपना, लगातार मेहनत कर IIT बॉम्बे तक पहुंचा छात्र

बोर्ड परीक्षा में कम अंक आने के बाद कई छात्र अपना आत्मविश्वास खो बैठते हैं, लेकिन कुछ लोग इसी असफलता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लेते हैं। एक छात्र ने भी ऐसा ही किया। शुरुआती निराशा के बावजूद उसने हार नहीं मानी, खुद को बदला और अपनी मेहनत के दम पर बड़ी सफलता हासिल कर सबको चौंका दिया

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Jul 27, 2026 पर 8:38 AM
बोर्ड परीक्षा में कम नंबर आने के बाद भी नहीं छोड़ा सपना, लगातार मेहनत कर IIT बॉम्बे तक पहुंचा छात्र
यूट्यूब पर अपनी कहानी साझा करने के बाद हजारों लोगों ने उसकी सराहना की।

बोर्ड परीक्षा के नतीजे अक्सर छात्रों के आत्मविश्वास को प्रभावित करते हैं। कई बार कम अंक आने पर विद्यार्थी यह मान लेते हैं कि उनका भविष्य अब बेहतर नहीं हो सकता। लेकिन सच यह है कि किसी एक परीक्षा का परिणाम पूरी जिंदगी तय नहीं करता। सही दिशा, लगातार मेहनत और खुद पर भरोसा किसी भी असफलता को सफलता में बदल सकता है। ऐसे ही एक छात्र की कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। 10वीं में उम्मीद से काफी कम अंक मिलने के बाद भी उसने हार नहीं मानी। उसने अपनी कमियों को पहचाना, पढ़ाई का तरीका बदला और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता रहा।

समय के साथ उसकी मेहनत रंग लाई और उसने देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर IIT बॉम्बे तक का सफर तय किया। उसकी यह कहानी साबित करती है कि सफलता अंकों से नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से मिलती है।

10वीं के नतीजे ने दिया बड़ा झटका

जैनेंद्रजीत ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंकों की उम्मीद की थी, लेकिन रिजल्ट उम्मीद से बिल्कुल अलग रहा। उसे कुल 54% अंक मिले। गणित में 41 और विज्ञान में 48 अंक आने से वह काफी निराश हुआ। रिजल्ट देखने के बाद उसे कुछ देर तक यकीन ही नहीं हुआ कि ये उसके ही नंबर हैं।

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