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भुगतान करने को तैयार थे माता-पिता, फिर भी कंपनी ने नष्ट कर दिया नवजात का सैंपल, अब भरना पड़ेगा लाखों का हर्जाना

पंजाब के एक दंपति ने अपने बच्चे के भविष्य के लिए कॉर्ड ब्लड सुरक्षित करवाया था। कंपनी ने सैंपल लेने के बाद उसे सुरक्षित रखने की बात कही, लेकिन भुगतान विवाद के बाद उसे नष्ट कर दिया। दंपति ने शिकायत की, जिसके बाद उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को मुआवजा देने का आदेश दिया

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Aug 03, 2026 पर 3:30 PM
भुगतान करने को तैयार थे माता-पिता, फिर भी कंपनी ने नष्ट कर दिया नवजात का सैंपल, अब भरना पड़ेगा लाखों का हर्जाना
आयोग ने कहा कि बच्चे का कॉर्ड ब्लड सिर्फ जन्म के समय ही लिया जा सकता है।

पंजाब के एक दंपति ने अपने बच्चे के भविष्य के इलाज को ध्यान में रखते हुए कॉर्ड ब्लड और स्टेम सेल सुरक्षित रखने का फैसला किया था। इसके लिए उन्होंने एक निजी कंपनी से संपर्क किया और जरूरी प्रक्रिया पूरी की। बच्चे के जन्म के बाद अस्पताल से सैंपल लिया गया और कंपनी ने बताया कि वह सुरक्षित लैब पहुंच गया है। दंपति को लगा कि अब उनके बच्चे का सैंपल सुरक्षित है।

लेकिन कुछ दिनों बाद भुगतान को लेकर विवाद हो गया और कंपनी ने बिना मौका दिए सैंपल को नष्ट कर दिया। दंपति ने कंपनी के इस कदम का विरोध किया और मामला उपभोक्ता आयोग तक पहुंच गया। अब आयोग ने कंपनी को गलत मानते हुए दंपति को मुआवजा देने का आदेश दिया है।

पहले कहा- सैंपल सुरक्षित पहुंच गया

कंपनी ने ईमेल भेजकर दंपति को बताया कि सैंपल सुरक्षित तरीके से उसकी स्टोरेज लैब तक पहुंच चुका है। यह संदेश मिलने के बाद दंपति को लगा कि अब सैंपल सुरक्षित रख दिया गया है और पूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

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