पंजाब के एक दंपति ने अपने बच्चे के भविष्य के इलाज को ध्यान में रखते हुए कॉर्ड ब्लड और स्टेम सेल सुरक्षित रखने का फैसला किया था। इसके लिए उन्होंने एक निजी कंपनी से संपर्क किया और जरूरी प्रक्रिया पूरी की। बच्चे के जन्म के बाद अस्पताल से सैंपल लिया गया और कंपनी ने बताया कि वह सुरक्षित लैब पहुंच गया है। दंपति को लगा कि अब उनके बच्चे का सैंपल सुरक्षित है।
