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Video: कुत्तों को साथ लेकर लद्दाख पहुंचा कपल! बाइक के पीछे बनाई खास ट्रॉली, वीडियो हुआ वायरल

Viral Video: रिधि और अनुराग ने अपने कुत्तों लड्डू और स्कूबी को बाइक पर साथ ले जाने के लिए एक खास ट्रॉली बनवाई है। ये ट्रॉली बाइक के पीछे लगाई गई है, जिसमें दोनों कुत्ते आराम से सफर कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर इस अनोखे जुगाड़ का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Sep 21, 2026 पर 12:53 PM
Video: कुत्तों को साथ लेकर लद्दाख पहुंचा कपल! बाइक के पीछे बनाई खास ट्रॉली, वीडियो हुआ वायरल
बाइक से सफर के दौरान कुत्तों को झटकों और तेज-धीमी होती रफ्तार का सामना करना पड़ता है

अगर आप भी अपने पेट (पालतू कुत्ते) के साथ कहीं पर घूमने का प्लान कर रहे और इस बार की दिक्कत है कि ट्रैवल कैसे करें तो ये खबर आपके काम की है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में रिधि और अनुराग ने अपने कुत्तों लड्डू और स्कूबी को बाइक से लंबी यात्रा पर साथ ले जाने के लिए खास ट्रॉली बनवाई। जिससे उनके पालतु कुत्ते आराम से सफर कर सकें। दोनों कुत्तों ने इस ट्रॉली में बैठकर पहली बार लद्दाख की यात्रा की। इस दौरान उन्हें खराब पहाड़ी रास्तों, चढ़ाई, तेज हवाओं और बहुत ठंड जैसे मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर इस अनोखे जुगाड़ का वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

रिधि और अनुराग ने अपने कुत्तों लड्डू और स्कूबी को बाइक पर साथ ले जाने के लिए एक खास ट्रॉली बनवाई है। ये ट्रॉली बाइक के पीछे लगाई गई है, जिसमें दोनों कुत्ते आराम से सफर कर सकते हैं। परिवार का दावा है कि यह भारत की पहली डॉग बाइक ट्रॉली है, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

लद्दाख में कम होती है ऑक्सीजन लेवल

कुत्तों के लिए लंबी सड़क यात्रा इंसानों जैसी आसान नहीं होती, खासकर वो भी लद्दाख जैसी जगह पर। लद्दाख का मौसम और भौगोलिक स्थिति देश के मैदानी इलाकों से काफी अलग है। इसकी कई जगहें समुद्र तल से 3,000 मीटर से ज्यादा की ऊंचाई पर हैं। इतनी ऊंचाई पर हवा में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है, जिससे यहां सफर करना ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। लगातार सफर और नए माहौल की वजह से पालतू कुत्तों को तनाव या उल्टी जैसी परेशानी हो सकती है। इसलिए जानवरों के डॉक्टर कुत्तों को लंबी यात्रा की आदत धीरे-धीरे डालने की सलाह देते हैं। सफर के दौरान समय-समय पर ब्रेक देना, पर्याप्त पानी पिलाना, तापमान का ध्यान रखना और कुत्ते में थकान या परेशानी के संकेतों पर नजर रखना जरूरी है।

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