Covid-19 के बढ़ते केसेज पर स्वास्थ्य मंत्रालय सतर्क, बेंगलुरु और ठाणे में 2 मौत; क्या नए उभरते वेरिएंट से है खतरा
Coronavirus: बढ़ते केसेज को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों को बिस्तरों, ऑक्सीजन, दवाइयों और टीकों की उपलब्धता के लिए तैयार रहने को लेकर परामर्श जारी किया है। सरकार मरीजों के दिल्ली के निवासी होने या उनके शहर से बाहर की यात्रा करने को लेकर जानकारी जुटा रही है
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोविड-19 के 23 मामले सामने आए हैं।
देश में कोविड-19 वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि मौजूदा वेरिएंट जानलेवा तो नहीं है लेकिन तेजी से फैलने वाला जरूर है। देश में कोरोनावायरस के 250 से ज्यादा एक्टिव केस सामने आ चुके हैं। कहा जा रहा है कि विभिन्न राज्यों में दर्ज किए गए कोविड के ज्यादातर मामले हल्की प्रकृति के हैं और मरीजों की घर पर ही देखभाल दी जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने शनिवार को स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR) के सचिव और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR), डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) और नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (NCDC) के महानिदेशक के साथ कोविड-19 मामलों का रिव्यू किया।
कोविड-19 के कुछ मामले मुख्य रूप से केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक आदि राज्यों से सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय सतर्क है और अपनी विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
जेएन.1 के अलावा दूसरे नए वेरिएंट के भी केस मिले
इस बीच, इंडियन SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्शियम (INSACOG) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोविड-19 के नये उभरते वेरिएंट एनबी.1.8.1 का एक मामला और एलएफ.7 के 4 मामले सामने आए हैं। भारत में सबसे आम वेरिएंट जेएन.1 बना हुआ है। अभी इसी के केस ज्यादा हैं। मई 2025 तक की स्थिति के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एलएफ.7 और एनबी.1.8.1 सब-वेरिएंट को निगरानी में रखे जाने वाले वेरिएंट के तौर पर क्लासिफाई किया हुआ है, न कि चिंताजनक वेरिएंट के रूप में। लेकिन ये वे वेरिएंट हैं, जिनकी वजह से चीन और एशिया के कुछ हिस्सों में कोविड के मामलों में कथित तौर पर वृद्धि हो रही है।
भले ही WHO के शुरुआती जोखिम आकलन में एनबी.1.8.1 को वैश्विक स्तर पर कम सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम वाला माना गया है, लेकिन इसके स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशंस जैसे A435S, V445H और T478I कोविड के अन्य वेरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामकता और इम्युनिटी को अधिक नुकसान का संकेत देते हैं।
INSACOG को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) और ICMR के साथ मिलकर शुरू किया है। यह SARS-CoV-2 में जीनोमिक विविधताओं की निगरानी करने के लिए 54 प्रयोगशालाओं का एक संघ है।
कर्नाटक में कोविड-19 संक्रमित बुजुर्ग की मौत
इस बीच खबर है कि कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में गंभीर बीमारियों से ग्रस्त 84 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। उनकी जांच रिपोर्ट शनिवार को आई थी, जिसमें उन्हें कोविड-19 से इनफेक्टेड पाया गया। बुजुर्ग को 13 मई को बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था और 17 मई को उनकी मौत हो गई। कर्नाटक में कोविड-19 के 38 मामले सामने आए हैं, जिनमें से अकेले 32 लोग बेंगलुरु में पाए गए हैं। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने लोगों से संयमित रहने और अपने डेली रूटीन जारी रखने की अपील की थी।
महाराष्ट्र में ठाणे में गंभीर डायबिटीज से पीड़ित एक कोविड-19 मरीज की अन्य बीमारियों के कारण मौत हो गई। शहर में शनिवार को कोविड19 इनफेक्शन के 8 नए मामले सामने आए। मुंबई में मई में कोविड-19 के अब तक 95 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 16 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की रिपोर्ट है।
नोएडा में भी निकला एक केस
कोविड का एक केस उत्तर प्रदेश के नोएडा में भी पाया गया है। एक 55 वर्षीय महिला कोविड पॉजिटिव हो गई है। महिला ने 14 मई को ट्रेन से यात्रा की थी। गौतमबुद्धनगर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र कुमार का कहना है कि प्रशासन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। लोगों से अपील है कि वे घबराएं नहीं और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें, जिसमें मास्क पहनना और हाथों को नियमित रूप से साफ करना शामिल है। इससे पहले खबर आई थी कि गाजियाबाद में भी 4 लोगों में कोविड-19 इनफेक्शन की पुष्टि हुई है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले में निगरानी बढ़ा दी है। 3 लोग फिलहाल घर पर आइसोलेशन में है, जबकि एक मरीज को प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सभी चार मामले जिले के हिंडन पार क्षेत्र से आए हैं।
दिल्ली में 23 केस
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोविड-19 के 23 मामले सामने आए हैं। यह पिछले लगभग 3 वर्षों में कोरोना केसेज में पहली बड़ी बढ़ोतरी है। सभी मरीजों की स्थिति हल्के, फ्लू जैसे लक्षणों के साथ स्थिर है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
दिल्ली में डॉक्टर्स ने लोगों को कोविड-19 के जेएन.1 वेरिएंट से न घबराने की सलाह दी है और कहा है कि यह वेरिएंट गंभीर नहीं है। ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण ही हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क (आईएमए जेडीएन) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान का कहना है कि लोगों को जेएन.1 वेरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है। यह कोई जानलेवा वेरिएंट नहीं है। हाथ साफ रखना और अस्पताल या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, लोगों के बीच छींकने में स्वच्छता का पालन करना हमेशा बेहतर होता है। लक्षणों की जांच डॉक्टर से करवाना भी महत्वपूर्ण है।
सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टर अविरल माथुर के मुताबिक, ‘‘यह वेरिएंट बहुत संक्रामक है, हालांकि लक्षण ज्यादातर हल्के ही रहते हैं। फिर भी, रोकथाम सबसे अहम है। हम लोगों से भीड़भाड़ वाली या बंद जगहों पर मास्क पहनने, हाथ स्वच्छ रखने और अस्वस्थ होने पर गैरजरूरी यात्रा से बचने की अपील करते हैं। सुनिश्चित करें कि बूस्टर डोज सहित आपने वैक्सीन की सभी डोज ले ली हैं।’’
उत्तराखंड के ऋषिकेश में कोरोना वायरस के 2 नए केस मिले हैं। गुजरात का 57 वर्षीय यात्री और एम्स ऋषिकेश की एक महिला चिकित्सक कोरोना इनफेक्टेड पाए गए हैं। कई रोगों से ग्रस्त गुजराती यात्री वापस अपने घर चला गया है, जबकि एम्स-ऋषिकेश की महिला चिकित्सक की घर पर देखभाल हो रही है। हरियाणा में वर्तमान में कोविड-19 के 4 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 2 गुरुग्राम और 2 फरीदाबाद से हैं। मई में केरल में कोविड-19 के 273 मामले सामने आए।
आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के 4 नए मामले सामने आए हैं। 3 विशाखापत्तनम में और एक रायलसीमा क्षेत्र में है। गुजरात में लंबे अंतराल के बाद इस वायरस के 15 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से 13 मामले अहमदाबाद से, एक राजकोट से और एक अहमदाबाद ग्रामीण से है। अधिकारियों ने लोगों से पैनिक न होने की अपील की है। सभी मरीजों का उनके घरों पर ही इलाज हो रहा है।