दुनिया में कई संस्कृतियों में जानवरों को देवता का रूप मानकर पूजा जाता है। कहीं गाय को मां माना जाता है, तो कहीं हाथी को भगवान गणेश का प्रतीक समझा जाता है। लेकिन ताइवान का एक अनोखा त्योहार "पिग्स ऑफ गॉड" यानी "ईश्वर के सुअर" इस आस्था से बिल्कुल अलग और हैरान करने वाला पहलू सामने लाता है। ये त्योहार श्रद्धा के बजाय अपनी क्रूर परंपराओं के लिए जाना जाता है। इस खास अवसर पर सैकड़ों सुअरों को पहले जबरदस्ती खिलाकर अस्वाभाविक रूप से मोटा किया जाता है और फिर उनका खुलेआम गला रेत दिया जाता है। ताइवान के हक्का समुदाय द्वारा मनाया जाने वाला ये त्योहार कई बार विवादों में भी आ चुका है।
