दिल्ली की Hudson Lane में कैफे चलाने वाली 22 वर्षीय उद्यमी की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। करीब एक साल पहले उन्होंने अपनी कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर बिजनेस की दुनिया में कदम रखा था। बताया गया कि उनकी नौकरी से सालाना करीब 15 लाख रुपये की कमाई होती थी, लेकिन खुद का कैफे खोलने के सपने ने उन्हें यह सुरक्षित रास्ता छोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपनी निजी बचत लगाकर कैफे शुरू किया, मगर एक साल बाद भी कारोबार मुनाफे में नहीं पहुंच पाया है। युवा उद्यमी के मुताबिक, कैफे में कॉफी और खाना अच्छा होने के बावजूद सीमित बैठने की जगह ग्राहकों के अनुभव को प्रभावित कर रही है।
