Eid Al Fitr 2026 Date: इस्लाम धर्म को मानने वालों के लिए रमजान का महीने बहुत अहमियत रखता है। इसमें मुस्लिम समुदाय के लोग पूरी तरह से खुद को खुदा की इबादत में समर्पित करते हैं। सुबह से लेकर शाम को सूरज डूबने तक बिना कुछ भी खाए-पिद रोजा रखते हैं और जकात करते हैं। ये महीना जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोगों में ईद-उल-फितर को लेकर उत्सुकता भी बढ़ रही है। ईद-उल-फितर इस्लामिक कैलेंडर के सबसे खास त्योहारों में से एक है। सरकारी घोषणाओं के अनुसार यह त्योहार 20 मार्च, 2026 को मनाया जा सकता है। हालांकि, ईद के त्योहार की तारीख चांद देखने के आधार पर तय होती है। रमजान के आखिरी दिन चांद दिखने पर अगले दिन ईद होती है।
ईद-उल-फितर का अर्थ है रोजा खोलने का त्योहार। रमजान के पूरे महीने मुसलमान सुबह से लेकर शाम तक रोजा रखते हैं। इसमें वे पूरे दिन खाना-पीना त्याग देते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, इस दौरान रोजेदार बेहद संयमित और आध्यात्मिक सोच अपनाते हुए समय बिताने की कोशिश करते हैं। रमजान के खत्म होने के बाद ईद-उल-फितर मनाई जाती है। इस दिन सुबह विशेष नमाज (ईद की नमाज) अदा की जाती है। नमाज के बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ईद मुबारक कहते हैं। घरों में मीठे पकवान जैसे सेवइयां और विभिन्न व्यंजन बनाए जाते हैं। यह त्योहार खुशियां बांटने और समाज में भाईचारा बढ़ाने का प्रतीक माना जाता है।
कब मनाई जाएगी मीठी ईद या ईद उल-फितर?
इस्लामी कैलेंडर में शव्वाल 10वां महीना होता है और इस माह की शुरुआत ईद उल फितर से होती है। जबकि, रमजान का पवित्र महीना इस्लामी कैलेंडर का नौंवा महीना है और इसे माह-ए-सियाम कहते हैं। इस पाक माह में मुस्लिम समुदाय के लोग 29 या 30 दिन तक रोजा यानी उपवास रखते हैं। इस महीने के आखिरी दिन चांद देखने के बाद ईद की तारीख तय की जाती है। अगर ईद का चांद 19 मार्च को दिख गया तो ईद 20 तारीख को मनाएंगे, अगर इस दिन चांद ना दिखा और 20 मार्च को दिख गया तो 21 मार्च को ईद उल-फितर मनाया जाएगा।
इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, रमजान 29 या 30 दिनों का होता है। 29वें रोजे की शाम को चांद देखने की कोशिश की जाती है। अगर उस दिन शव्वाल का चांद दिख जाता है तो अगले दिन ईद-उल-फितर मनाई जाती है, लेकिन अगर चांद नजर नहीं आता तो रमजान के 30 रोजे पूरे किए जाते हैं और उसके अगले दिन ईद मनाई जाती है। शव्वाल का चांद मुसलमानों के लिए खुशियों और राहत का प्रतीक माना जाता है। पूरे महीने की इबादत और रोजों के बाद चांद दिखाई देना इस बात का संकेत होता है कि अब ईद की खुशियां शुरू होने वाली हैं।