आज के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है। पहले जहां AI को सिर्फ बड़े शहरों, कॉरपोरेट दफ्तरों या टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स तक सीमित माना जाता था, वहीं अब इसकी पहुंच गांव-देहात तक हो चुकी है। स्मार्टफोन और सस्ते इंटरनेट ने ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी इस नई तकनीक से जोड़ दिया है। आज गांवों में रहने वाले लोग भी AI से सवाल पूछ रहे हैं, अपनी जिज्ञासाएं दूर कर रहे हैं और रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान ढूंढ रहे हैं। इसी कड़ी में हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर सभी का ध्यान खींच लिया।
